{"_id":"6179750f38f8383eb3789fba","slug":"metro-project-is-on-progress-in-indore-focus-on-multi-modal-integration-it-ecosystem-will-also-be-built","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश: इंदौर में प्रगति पर मेट्रो प्रोजेक्ट- मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन पर फोकस, आईटी इकोसिस्टम का भी होगा निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश: इंदौर में प्रगति पर मेट्रो प्रोजेक्ट- मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन पर फोकस, आईटी इकोसिस्टम का भी होगा निर्माण
Wed, 27 Oct 2021 09:20 PM IST
सुभाष कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: सुभाष कुमार
Updated Wed, 27 Oct 2021 09:20 PM IST
सार
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर मनीष सिंह की अध्यक्षता में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक हुई। इसमें निगमायुक्त प्रतिभा पाल, इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ विवेक श्रोत्रिय सहित इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के एडिशनल जनरल मैनेजर अनिल कुमार जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कलेक्टर मनीष सिंह की अध्यक्षता में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक हुई।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर में चल रहे मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के कामों में गति आने लगी है। लगातार बैठकें हो रही हैं और क्या बेहतर किया जा सकता है इस पर मंथन हो रहा है। नई बात यह है कि मेट्रो प्रोजेक्ट में मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मेट्रो रेल एवं केबल कार प्रोजेक्ट के इंटीग्रेशन के साथ-साथ मेट्रो स्टेशन का आईएसबीटी स्टेशन तथा इंदौर रेलवे स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी को भी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया जाएगा।
विज्ञापन
दरअसल इंदौर में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है। पूर्व में संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा एवं कलेक्टर मनीष सिंह ने समीक्षा बैठक ली थी। मेट्रो प्रोजेक्ट के कार्यों में तेज गति देखने को मिली है। इसी तारतम्य में बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर मनीष सिंह की अध्यक्षता में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक हुई। इसमें निगमायुक्त प्रतिभा पाल, इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ विवेक श्रोत्रिय सहित इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के एडिशनल जनरल मैनेजर अनिल कुमार जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मेट्रो प्रोजेक्ट के कामों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और क्या बेहतर किया जा सकता है इस पर बात हुई।
विज्ञापन
आईएसबीटी स्टेशन व रेलवे स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी को बनाएं प्रोजेक्ट का हिस्सा
कलेक्टर मनीष सिंह ने इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए जमीन के अधिग्रहण सहित अन्य समस्याओं की वस्तुस्थिति पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मेट्रो प्रोजेक्ट में मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन का विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। इसमें मेट्रो रेल एवं केबल कार प्रोजेक्ट के इंटीग्रेशन के साथ-साथ मेट्रो स्टेशन का आईएसबीटी स्टेशन तथा इंदौर रेलवे स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी को भी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आगे आने वाले समय में बिना किसी बाधा की सुविधा यदि यात्रीगणों को प्रदाय करनी है तो उसमें मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन की महती भूमिका रहेगी।
विज्ञापन
क्या कहा मेट्रो प्रोजेक्ट के एजीएम ने
इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के एजीएम अनिल कुमार जोशी ने बताया कि कलेक्टर सिंह के निर्देशानुसार मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कार्यों के लिए डेडीकेटेड टीम नियुक्त की गई है जो जिला प्रशासन के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहती है साथ ही मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के अधिकारियों की भी नियमित बैठक ली जा रही है। उन्होंने बताया कि गांधीनगर से एमआर-10 तक बनाई जा रही मेट्रो लाइन का ऑपरेशनल राइट इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को दे दिया गया है। इसी तरह मेट्रो प्रोजेक्ट हेतु गांधीनगर की जमीन के डिमार्केशन का कार्य प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, इसका कार्य भी प्रगति पर है। नैनोद स्थित 2.618 हेक्टेयर भूमि के कब्जे के संबंध में गांधी नगर हाउसिंग सोसायटी द्वारा रेजोल्यूशन पास कर दिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि उक्त भूमि में जिन लोगों की प्लॉट की रजिस्ट्री पहले से की जा चुकी है उन प्लॉट को छोडक़र बाकी की भूमि का कब्जा एमपी मेट्रो को सौंपा जाए। बैठक में बताया गया कि खजराना के पास निर्मित किए जा रहे रिसीविंग सब स्टेशन को अब नगर निगम द्वारा एआईसीटीएसएल में 2500 स्क्वेयर मीटर की जमीन पर निर्मित किया जाएगा। जल्द ही इसका प्रोजेक्शन एमपी मेट्रो को सौंपा जाएगा।
इंदौर विकास योजना: मेट्रो सिटी की तर्ज पर इंदौर में भी किया जाएगा आईटी इकोसिस्टम का निर्माण
इंदौर को आईटी हब बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इंदौर विकास योजना २०२१ में भी इसको लेकर चर्चा हो रही है और क्या बेहतर किया जा सकता है इस पर विचार हो रहा है। मेट्रो सिटीज के तर्ज पर इंदौर में भी आईटी इकोसिस्टम का निर्माण किए जाने को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं।
इंदौर विकास योजना 2021 के पुनर्विलोकन हेतु इंदौर की वर्तमान तथा भावी औद्योगिक सेक्टर के विजन, आवश्यकताओं, इत्यादि पर विचार विमर्श करने हेतु कलेक्टर मनीष सिंह ने बुधवार को बैठक ली। कलेक्टर ने संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश एसके मुद्गल को निर्देश दिए कि विकास प्रारूप में आईटी सेक्टर से संबंधित इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाए। मेट्रो सिटीज के तर्ज पर इंदौर में भी आईटी इकोसिस्टम का निर्माण किया जाए जहां निजी क्षेत्र की बड़ी आईटी इंडस्ट्रीज अपनी इकाइयां स्थापित कर सकें तथा आईटी पार्क निर्मित कर सके। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने हेतु विकास योजना के प्रारूप में विभिन्न तरह के प्रावधानों को शामिल किया जाए। स्टेकहोल्डर समूह द्वारा दिए गए सुझावों को भी विकास योजना के प्रारूप में शामिल किया जाए।
आवासीय क्षेत्रों से बाहर रखी जाए प्रदूषण वाली इंडस्ट्रीज
कलेक्टर ने कहा कि औद्योगिक पार्क में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तथा अन्य गतिविधियों के लिए भूमि प्रतिशत की कैपिंग भी की जाए। प्रारूप में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियम, औद्योगिक सेक्टर के नॉम्र्स तथा वर्तमान समय में औद्योगिक सेक्टर की जरूरतों के अनुरूप प्रावधानों को सम्मिलित किया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि रेड इंडस्ट्रीज जिन से अधिक मात्रा में प्रदूषण होता है उन्हें शहरी आवासीय क्षेत्रों से बाहर रखा जाए। जिले के विभिन्न एंट्री पॉइंट पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित किए जाएं। इस दौरान औद्योगिक सेक्टर में असंगत भूमि उपयोग एवं पुनस्र्थापना के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में औद्योगिक सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधियों ने रो-टाइप इंडस्ट्रीज स्थापित करने के प्रावधान को विकास योजना में शामिल करने का सुझाव दिया।
यह है इंदौर विकास योजना
उल्लेखनीय है कि इंदौर नगर के सुनियोजित विकास हेतु इंदौर विकास योजना 2021 तैयार की गई थी, जिसे शासन ने १ जनवरी २००८ द्वारा स्वीकृत किया था। भारत सरकार की अमृत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया था, जिसमें इन्दौर भी सम्मिलित है। मप्र शासन ने इंदौर विकास योजना 2021 को अमृत योजना की गाइड लाइन के तहत पुनर्विलोकन की कार्यवाही का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे योजना वर्ष 2035 के लिए तैयार किया जाएगा।
