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MP News: मनोज मुंतशिर बोले- जितना सनातन धर्म के खिलाफ लोग मुखर हुए, क्या धर्मांतरण के मुद्दे पर भी हुए
Tue, 24 Jan 2023 05:02 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 24 Jan 2023 05:02 PM IST
सार
कवि और गीतकार मनोज मुंतशिर भी बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने सनातन धर्म और धर्मांतरण को लेकर बड़ी बात कही है।
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गीतकार मनोज मुंतशिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश के सुप्रसिद्ध शायर, कवि और गीतकार मनोज मुंतशिर भी बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जो लोग से सनातन धर्म के खिलाफ मुखर हैं, क्या वो धर्मांतरण के खिलाफ भी कभी खड़े हुए हैं। धर्मांतरण की इजाजत भारत का संविधान नहीं देता। धर्म परिवर्तन की इजाजत नहीं देता। किसी के प्रलोभन में धर्म परिवर्तन नहीं कराया जाता।
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मुंतशिर ने कहा, बागेश्वर धाम ने धर्मांतरण रोकने का काम किया है। शायद तकलीफ की एक वजह ये भी है। उन्होंने कहा कि चमत्कार शब्द बड़ा ऑब्जेक्टिव है। इसे देखने का अपना-अपना नजरिया है। दरअसल, मनोज सतना में नगर निगम के गौरव दिवस आयोजन में शिरकत करने के लिए आए थे। सतना आगमन का कांग्रेस ने विरोध भी किया था।
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मुंतशिर ने कहा, मैं थोड़े दिन पहले टीवी चैनल्स पर देख रहा था कि पाकिस्तान के बड़े-बड़े जैनरल्स बड़े-बड़े मेडल्स लगाकर घूम रहे हैं। मैं सोचने लगा कि भइया इन्होंने कुल मिलाकर अपने जीवन में चार युद्ध लड़े हैं। कुल चार बार ये हमसे लड़े हैं। किसी दूसरे देश से लड़े ही नहीं और चारों बार हमसे हारे तो ये मेडल्स कहां जीत लिए।
उन्होंने कहा, हुआ ये कि छह साल पहले नोटबंदी हमारे यहां हुई, भीख आज वो मांग रहे हैं। ताज्जुब ये होता है कि नोटबंदी जिस विचारधारा को लेकर की गई थी, शायद वो सही थी। चूंकि जो देश आतंकवाद की कमाई पर पल रहा हो, उसका तो बोरिया बिस्तर सिमटना ही था। उसका तो दाना-पानी बंद होना ही था। कश्मीर मांगते-मांगते आज चावल मांग रहे हैं, देखिए ये हालात हो गई है।
