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Mandsaur Lok Sabha Constituency: अब तक मंदसौर में सिर्फ चार बार जीती है कांग्रेस, 2009 जैसा करिश्मा करना होगा

Wed, 06 Mar 2024 01:27 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर Published by: रवींद्र भजनी Updated Wed, 06 Mar 2024 01:27 PM IST
सार

Mandsaur Lok Sabha Constituency: मध्य प्रदेश की मंदसौर सीट की बात करें तो यह भाजपा का परंपरागत गढ़ रही है। अब तक सिर्फ चार बार कांग्रेस को इस सीट पर जीत मिली है। लक्ष्मीनारायण पांडे यहां से आठ बार सांसद रहे हैं।

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Mandsaur Lok Sabha Constituency: All You Need To Know General Election 2024
मंदसौर लोकसभा सीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंदसौर संसदीय क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है। जब से मंदसौर संसदीय क्षेत्र अस्तित्व में आया है, तब से कांग्रेस को सिर्फ चार बार जीत मिली है। मंदसौर संसदीय क्षेत्र से भाजपा के डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे आठ बार सांसद रहे हैं। 2009 में जब कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उतारा, तब पांडे का विजयी रथ थमा था। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर का जादू चला और भाजपा के सुधीर गुप्ता इस सीट को दोबारा कांग्रेस से छीनने में कामयाब रहे थे। दोनों बार उनकी जीत का अंतर तीन लाख वोट से अधिक का रहा। 

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2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने लगातार तीसरी बार सांसद सुधीर गुप्ता पर ही भरोसा जताया है। उन्हें उम्मीदवार घोषित किया गया है। कांग्रेस ने अब तक अपने उम्मीदवार को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है। बताया जा रहा है कि इस बार युवा चेहरे को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सोमिल नाहटा, महेंद्र गुर्जर, किसान नेता व रतलाम जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ के साथ ही नीमच के नंदू पटेल भी दावेदारों में शामिल हैं। 
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आठ में से सात सीटों पर भाजपा का कब्जा
मंदसौर लोकसभा क्षेत्र मंदसौर व नीमच जिले की 7 विधानसभा आती हैं। साथ ही रतलाम जिले की जावरा विधानसभा क्षेत्र के कुछ ग्रामीण क्षेत्र लोकसभा सीट में आते हैं। इस संसदीय क्षेत्र में मंदसौर, मल्हारगढ़, सुवासरा, गरोठ, नीमच, जावद, मनासा और रतलाम जिले की जावरा तहसील का कुछ क्षेत्र शामिल है। इनमें से सिर्फ मंदसौर विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है जबकि शेष सात विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है।
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सामाजिक ताना-बाना
मंदसौर जिला हिंदू और जैन मंदिरों के लिए खासी पहचान रखता है। आजादी से पहले यह ग्वालियर रियासत का हिस्सा था। मंदसौर जिला मुख्यालय पर शिवना नदी किनारे स्थित विश्वविख्यात अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर, धर्मराजेश्वर, बहिपर्श्वनाथ जैन मंदिर, नवनिर्मित अर्यरक्षित सूरिश्वर जी जैन मंदिर, नालछा माता मंदिर, कुबेर मंदिर और गांधी सागर बांध यहां के मुख्य दर्शनीय व पर्यटन स्थल हैं। मंदसौर संसदीय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होती है। मंदसौर संसदीय क्षेत्र राजस्थान के प्रतापगढ़ चित्तौड़गढ़, कोटा, भीलवाड़ा, झालावाड़ और मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से घिरा हुआ है। मंदसौर लोकसभा क्षेत्र में 2011 की जनगणना के मुताबिक जनसंख्या 24,72,444 है। 75.49 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है और 24.51 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र में। मंदसौर में 16.78 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति की है, जबकि 5.36 फीसदी आबादी अजजा वर्ग की है। इस सीट पर मुस्लिम आबादी 9.05% है।

 
(मंदसौर से प्रमोद जैन की रिपोर्ट)
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