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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Mandsaur: Forgery of documents, FIR registered for taking corona ex-gratia amount in the name of deceased relatives

मंदसौर: मृत परिजनों के नाम पर कोरोना अनुग्रह सहायता राशि लेने किया दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा, एफआईआर दर्ज

Fri, 14 Jan 2022 03:46 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 14 Jan 2022 03:46 PM IST
सार

मंदसौर जिले के ग्राम झिरकन में कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत होने पर मिलने वाली अनुग्रह राशि लेने के लिए दो आरोपियों ने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया। जालसाजी का पता चलने के बाद कलेक्टर ने आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

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Mandsaur: Forgery of documents, FIR registered for taking corona ex-gratia amount in the name of deceased relatives
मंदसौर में अनुग्रह राशि लेने फर्जीवाड़ा करने वाले दो आरोपियों पर FIR - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंदसौर जिले में फर्जी दस्तावेज लगाकर 50 हजार रुपए की कोरोना अनुग्रह सहायता राशि लेने का मामला सामने आया है। जिले के अफजलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम झिरकन निवासी प्रकाश और अंबुगिर ने अनुग्रह राशि लेने के लिए नकली दस्तावेज बनाकर फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की। दरअसल प्रकाश के पिता जुझार सिंह की 1 मई 2021 तथा अम्बुगिरी की पत्नी श्यामाबाई की 3 जून 2021 को मृत्यु हो गई थी।  दोनों आरोपियों ने अनुग्रह राशि पाने के लिए प्रकरण क्रमांक 195/ब-121/2021-22 और प्रकरण क्रमांक 193/ब-121/2021-22 में फर्जीवाड़ा करते हुए इंदौर के एक पैथ लैब से नकली आरटी पीसीआर रिपोर्ट लगाकर कोरोना के तहत मिलने वाली अनुग्रह राशि को हड़पने की कोशिश की। प्रकरण के साथ लगाई गई कोरोना जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद दोनों आरोपियों की जालसाजी का पर्दाफाश हुआ।
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रिपोर्ट आईडी से हुआ खुलासा
अनुग्रह राशि का लाभ लेने के लिए दोनों आरोपियों ने प्रकरण के साथ एक ही जांच रिपोर्ट की कॉपी संलग्न की थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने दोनों दस्तावेजों में एक ही रिपोर्ट आईडी को लगा पाया। शक के आधार पर क्यूआर कोड से स्कैन करने पर पता चला कि आरोपियों ने किसी अन्य व्यक्ति की रिपोर्ट लगाई है, जिसकी रिपोर्ट लगाई गई थी वो व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं था। जालसाजी का खुलासा होने को बाद कलेक्टर ने तहसीलदार को दोनों आवेदकों के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं। 
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कलेक्टर गौतम सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में आरटी पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव होने वाले व्यक्ति की मृत्यु पर परिजनों को सरकारी सहायता के अनुरूप 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है, जिसके लिए  झिरकन निवासी दो व्यक्तियों ने आवेदन दिए थे। दोनों आवेदक एक ही गांव के थे और दोनों के दस्तावेज में आरटी पीसीआर रिपोर्ट भी एक ही नंबर की थी। शंका होने पर क्यूआर कोड स्कैन कर जांच की गई तो पता चला कि आरटी पीसीआर किसी अन्य व्यक्ति की है जो नेगेटिव थी।
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 सरकारी दस्तावेजों में भी मिली गड़बड़ी
अनुग्रह राशि बांटने के लिए प्रशासन को दिए गए जिला अस्पताल के दस्तावेजों में भी गड़बड़ी मिली है। राज्य सरकार की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से कोरोना संक्रमित मृतकों की सूची मांगी थी। स्वास्थ्य विभाग ने प्रसाशनिक अधिकारियों को 130 मृतकों की सूची दी थी, लेकिन सरकारी सूची में मृत मिले 11 लोग जिंदा पाए गए। सरकारी आंकड़ों में मिली गड़बड़ी के बाद प्रशासन ने हर दस्तावेज की सावधानी से जांच की और जिले के 221 परिवारों को 50-50 हजार रुपये की कोरोना अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की। 
 
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