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Mandsaur: BJP नेता पर अमानत में खयानत का केस दर्ज, किसान का हार्वेस्टर सर्विसिंग के लिए बुलाया और बेच दिया
Sun, 17 Dec 2023 10:25 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, मंदसौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, मंदसौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 17 Dec 2023 10:25 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के मंदसौर में भाजपा नेता और उसके भाई पर अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने किसान का हार्वेस्टर पहले तो सर्विसिंग के नाम एजेंसी में बुलवाया फिर उसे बिना सूचना बेच दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री व मंदसौर के वार्ड-39 पार्षद प्रतिनिधि धीरज पाटीदार व उनके भाई पवन पाटीदार के खिलाफ अमानत में खयानत की धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
पुलिस के मुताबिक किसान का फाइनेंस वाला हार्वेस्टर दुरुस्त (सर्विसिंग) के लिए बुलाया और दूसरे को बेच दिया। मामले मे जॉन डियर फाइनेंशियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर को भी धारा 406, 409 में आरोपी बनाया है।
जानकारी मुताबिक गरोठ ब्लॉक के ग्राम बोलिया निवासी किसान रमेशचंद्र पिता सीताराम सुथार ने कृषि उपकरण की खरीदी मंदसौर वायडीनगर थाने से कुछ ही दूर जेपी ट्रैक्टर्स एवं धीरज पंप एजेंसी से की थी। वायडीनगर पुलिस के मुताबिक मंदसौर निवासी आरोपी पवन पाटीदार और उसका भाई धीरज (भाजपा नेता) मंदसौर में जेपी ट्रैक्टर्स शोरूम व धीरज पंप एजेंसी का संचालन करते हैं। ये दोनों भाई जॉन डियर कंपनी के कमीशन पर एजेंसी भी चलाते हैं, जहां कृषि उपकरण व हार्वेस्टर मशीन के बिक्री का व्यापार होता है। पुलिस के अनुसार किसान बोलिया के रमेशचंद्र व उनके पार्टनर बोलिया निवासी पवन पिता मदनलाल पाटीदार ने 2020 में जेपी ट्रैक्टर मंदसौर से जॉन डियर ट्रैक्टर 5310 को ई-फाइनेंस कराया था। ट्रैक्टर पर चलित कंबाइन हार्वेस्टर मशीन धीरज पंप एजेंसी मंदसौर से 5 लाख 50 हजार रुपये में खरीदी थी। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी-14-एडी-5522 है। बाकी राशि 7 लाख 29 हजार रुपए का फाइनेंस एजेंसी संचालक पवनकुमार पाटीदार ने स्वयं अपनी दुकान मेसर्स जॉन डियर फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मंदसौर से किया था।
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ऐसे की ठगी
वायडीनगर टीआई संदीप मंगोलिया के अनुसार मार्च 2020 में कोविड-19 के चलते लॉकडाउन से किसान का व्यापार नहीं चला। कंपनी ने किसान को सब्सिडी की राशि तक नहीं दी। उसका हार्वेस्टर शुरू से ही उपयोग नहीं होने के चलते मंदसौर निवासी आरोपी पवन ने सर्विसिंग करने को बुलाया और वापस नहीं सौंपा। मामले में धीरज पंप एजेंसी, जेपी ट्रैक्टर्स व जॉन डियर फाइनेंस कंपनी ने किसान रमेश से बिना पूछे, सूचना के बगैर ही उक्त यंत्रों को नीलाम कर डाला और राशि जमा कर ली। इसके बाद भी बाकी राशि 2 लाख 50 हजार 284 रुपये लेना बताकर ब्याज मांग रहे थे। किसान के दस्तखत वाले कोरे चेक तक वापस नहीं किए, दुरुपयोग की आशंका जताई। हार्वेस्टर कब्जे में लेने व अन्य किसी को बेच देने के मामले में पुलिस ने धीरज पंप एजेंसी के संचालक पवन पाटीदार, उसके भाई धीरज (भाजपा नेता) को जॉन डियर फाइनेंशियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर से मिलीभगत करने का आरोपी पाया। तीनों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया।
पुलिस ने मेरा पक्ष नहीं जाना, राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की: धीरज पाटीदार
केस में आरोपी बनाए गए भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री धीरज पाटीदार का कहना है कि पूरा मामला फर्जी है। एक आदतन शिकायतकर्ता के आवेदन पर पुलिस ने बगैर अनुसंधान के हम पर केस बनाया। ये फाइनेंस कंपनी संबंधी झगड़ा भी हो सकता है। हम तो व्यापार करते हैं और कई किसान आते हैं। थाने से मुझे सूचना भी करते तो मैं दस्तावेज पेश करता। किसी कारणवश या राजनीतिक दबाव में आकर ये कार्रवाई की है, मेरी छवि खराब करने की कोशिश है।
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पुलिस के मुताबिक किसान का फाइनेंस वाला हार्वेस्टर दुरुस्त (सर्विसिंग) के लिए बुलाया और दूसरे को बेच दिया। मामले मे जॉन डियर फाइनेंशियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर को भी धारा 406, 409 में आरोपी बनाया है।
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जानकारी मुताबिक गरोठ ब्लॉक के ग्राम बोलिया निवासी किसान रमेशचंद्र पिता सीताराम सुथार ने कृषि उपकरण की खरीदी मंदसौर वायडीनगर थाने से कुछ ही दूर जेपी ट्रैक्टर्स एवं धीरज पंप एजेंसी से की थी। वायडीनगर पुलिस के मुताबिक मंदसौर निवासी आरोपी पवन पाटीदार और उसका भाई धीरज (भाजपा नेता) मंदसौर में जेपी ट्रैक्टर्स शोरूम व धीरज पंप एजेंसी का संचालन करते हैं। ये दोनों भाई जॉन डियर कंपनी के कमीशन पर एजेंसी भी चलाते हैं, जहां कृषि उपकरण व हार्वेस्टर मशीन के बिक्री का व्यापार होता है। पुलिस के अनुसार किसान बोलिया के रमेशचंद्र व उनके पार्टनर बोलिया निवासी पवन पिता मदनलाल पाटीदार ने 2020 में जेपी ट्रैक्टर मंदसौर से जॉन डियर ट्रैक्टर 5310 को ई-फाइनेंस कराया था। ट्रैक्टर पर चलित कंबाइन हार्वेस्टर मशीन धीरज पंप एजेंसी मंदसौर से 5 लाख 50 हजार रुपये में खरीदी थी। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी-14-एडी-5522 है। बाकी राशि 7 लाख 29 हजार रुपए का फाइनेंस एजेंसी संचालक पवनकुमार पाटीदार ने स्वयं अपनी दुकान मेसर्स जॉन डियर फाइनेंशियल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मंदसौर से किया था।
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ऐसे की ठगी
वायडीनगर टीआई संदीप मंगोलिया के अनुसार मार्च 2020 में कोविड-19 के चलते लॉकडाउन से किसान का व्यापार नहीं चला। कंपनी ने किसान को सब्सिडी की राशि तक नहीं दी। उसका हार्वेस्टर शुरू से ही उपयोग नहीं होने के चलते मंदसौर निवासी आरोपी पवन ने सर्विसिंग करने को बुलाया और वापस नहीं सौंपा। मामले में धीरज पंप एजेंसी, जेपी ट्रैक्टर्स व जॉन डियर फाइनेंस कंपनी ने किसान रमेश से बिना पूछे, सूचना के बगैर ही उक्त यंत्रों को नीलाम कर डाला और राशि जमा कर ली। इसके बाद भी बाकी राशि 2 लाख 50 हजार 284 रुपये लेना बताकर ब्याज मांग रहे थे। किसान के दस्तखत वाले कोरे चेक तक वापस नहीं किए, दुरुपयोग की आशंका जताई। हार्वेस्टर कब्जे में लेने व अन्य किसी को बेच देने के मामले में पुलिस ने धीरज पंप एजेंसी के संचालक पवन पाटीदार, उसके भाई धीरज (भाजपा नेता) को जॉन डियर फाइनेंशियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर से मिलीभगत करने का आरोपी पाया। तीनों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया।
पुलिस ने मेरा पक्ष नहीं जाना, राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की: धीरज पाटीदार
केस में आरोपी बनाए गए भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री धीरज पाटीदार का कहना है कि पूरा मामला फर्जी है। एक आदतन शिकायतकर्ता के आवेदन पर पुलिस ने बगैर अनुसंधान के हम पर केस बनाया। ये फाइनेंस कंपनी संबंधी झगड़ा भी हो सकता है। हम तो व्यापार करते हैं और कई किसान आते हैं। थाने से मुझे सूचना भी करते तो मैं दस्तावेज पेश करता। किसी कारणवश या राजनीतिक दबाव में आकर ये कार्रवाई की है, मेरी छवि खराब करने की कोशिश है।
