Mandla News: 26 साल से भूमि विवाद में न्याय नहीं मिला, कलेक्ट्रेट में महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास
मंडला कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में 61 वर्षीय सुषमा गुप्ता ने 26 साल पुराने भूमि विवाद से परेशान होकर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उन्हें बचा लिया। प्रशासन ने मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक वृद्ध महिला ने अपने ऊपर डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद महिला सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत महिला के हाथ से डीजल की बोतल छीनकर दूर फेंक दी। हालांकि महिला ने दोबारा बोतल उठाकर अपने ऊपर डीजल डालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते उन्हें रोक लिया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
महिला की पहचान ग्राम पुरवा निवासी 61 वर्षीय सुषमा गुप्ता के रूप में हुई है। सुषमा गुप्ता का आरोप है कि वे पिछले 26 वर्षों से भूमि विवाद में न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि जिस भूमि पर वे वर्षों से काबिज हैं, उस पर कुछ लोग जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में तहसीलदार द्वारा आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन विवाद का स्थायी निराकरण अब तक नहीं हो सका।
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वहीं, तहसीलदार (भू-संसाधन प्रबंधन) हीरालाल तिवारी ने बताया कि संबंधित भूमि शासकीय है और दोनों पक्ष उस पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष के पास वैधानिक स्वामित्व या पक्के निर्माण का दावा है, तो उसे सिविल न्यायालय में विधिक प्रक्रिया के तहत जाना होगा। यदि जांच में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है, तो नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जनसुनवाई के दौरान हुई इस घटना ने लंबित भूमि विवादों के समयबद्ध समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।
