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मैहर: लापरवाही ने बुझाया घर का चिराग, खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से चार साल के मासूम की मौत
Fri, 02 Oct 2026 04:21 PM IST
मैहर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 04:21 PM IST
सार
मैहर के परसोखा गांव में चार वर्षीय अंश चौधरी की खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से मौत हो गई। पानी से भरे टैंक से परिजनों ने बच्चे को निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
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दुर्घटना। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मैहर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत परसोखा गांव में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय मासूम की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घर के पास खुले पड़े सेप्टिक टैंक में पानी भरा हुआ था। इसी दौरान मासूम अंश चौधरी अचानक टैंक में गिर गया। घटना के बाद परिजनों ने उसे बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
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घर के पास मौजूद था मासूम
जानकारी के अनुसार मृतक मासूम की पहचान अंश चौधरी, पिता प्रकाश चौधरी, निवासी वार्ड नंबर 23 परसोखा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम अंश घर के आसपास मौजूद था। इसी दौरान वह घर के पास बने सेप्टिक टैंक की ओर पहुंच गया। परिजनों के अनुसार टैंक खुला हुआ था और उसमें पानी भरा था। इसी दौरान मासूम अचानक टैंक में गिर गया। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चे को टैंक से बाहर निकाला।
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अस्पताल ले गए, लेकिन नहीं बच सकी जान
हादसे के बाद परिजनों ने बिना देरी किए मासूम को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। परिवार को उम्मीद थी कि समय रहते उपचार मिलने से बच्चे की जान बचाई जा सकेगी, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मासूम की मौत से परिवार और आसपास के लोगों में शोक का माहौल है।
घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा यह भी पता लगाया जा रहा है कि सेप्टिक टैंक किस स्थिति में था और वह खुला क्यों पड़ा था।
खुले टैंक और गड्ढों की सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने घरों और रिहायशी इलाकों में खुले पड़े सेप्टिक टैंक, पानी के टैंक और गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटे बच्चों के आसपास इस तरह के खुले स्थान गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे टैंकों को पूरी तरह ढककर रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस हादसे की जांच में जुटी हुई है।
