MP: मैहर की 112 आंगनवाड़ियां हुईं डिजिटल, टीवी से बच्चों को मिलेगी खेल-खेल में शिक्षा; जानें
मैहर जिले की 112 सक्षम आंगनवाड़ियों को डिजिटल सुविधाओं से लैस किया गया है। केंद्रों में 32 इंच की एलसीडी टीवी, शैक्षणिक वीडियो, वाटर फिल्टर, झूला और फिसलपट्टी उपलब्ध कराई गई है। इससे बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा और आंगनवाड़ी का वातावरण आकर्षक बनेगा।
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप मैहर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक, आकर्षक और बच्चों के अनुकूल बनाने की दिशा में पहल की गई है। कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी के निर्देशन में जिले की 112 सक्षम आंगनवाड़ियों को डिजिटल सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल और खेल सामग्री से सुसज्जित किया गया है। इनमें मैहर विकासखंड की 47, अमरपाटन की 27 और रामनगर की 38 सक्षम आंगनवाड़ियां शामिल हैं। अब इन केंद्रों में बच्चों को पारंपरिक गतिविधियों के साथ डिजिटल माध्यम से भी सीखने का अवसर मिलेगा।
32 इंच की एलसीडी टीवी से डिजिटल शिक्षा
सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए 32 इंच की एलसीडी टीवी लगाई गई हैं। इनके साथ कहानी, कार्टून, बाल गीत, मनोरंजक गतिविधियों और शैक्षणिक सामग्री से संबंधित वीडियो वाली पेनड्राइव भी उपलब्ध कराई गई है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता टीवी में पेनड्राइव लगाकर रिमोट के माध्यम से बच्चों की उम्र और सीखने की क्षमता के अनुरूप शैक्षणिक एवं मनोरंजक वीडियो दिखा सकेंगी। इससे बच्चों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर फिल्टर
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इन आंगनवाड़ी केंद्रों में वाटर फिल्टर भी लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को केंद्र पर स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों में बड़े आकार के खेल उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें झूला, फिसलपट्टी सहित अन्य खेल सामग्री शामिल है। खेल गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को मनोरंजन के साथ शारीरिक सक्रियता का अवसर मिलेगा।
शिक्षा, खेल और मनोरंजन का केंद्र बनाने की पहल
इस पहल का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण आहार वितरण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बच्चों के लिए शिक्षा, खेल, मनोरंजन और सीखने का आकर्षक केंद्र बनाना है। डिजिटल टीवी, शैक्षणिक वीडियो, कहानियों, बाल गीतों और खेल सामग्री के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों के वातावरण को बच्चों के लिए अधिक रुचिकर बनाने का प्रयास किया गया है।
विभागीय पहल से बच्चों को खेल-खेल में सीखने और नई गतिविधियों के माध्यम से अपनी समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा। जिले में इसे आंगनवाड़ी केंद्रों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में ऐसी सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे बच्चों को शुरुआती स्तर पर बेहतर शैक्षणिक और विकासात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
