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Mahashivratri: भूलभुलैया वाले शिव मंदिर नाम से प्रसिद्ध है रतलाम का विरुपाक्ष महादेव मंदिर, 64 खंबों से बना है
Sat, 18 Feb 2023 03:26 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 18 Feb 2023 03:26 PM IST
सार
रतलाम के विरुपाक्ष महादेव मंदिर को भूलभुलैया वाले शिव मंदिर के तौर पर भी जाना जाता है। यह मंदिर 64 खंबों पर बना है।
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रतलाम का विरुपाक्ष शिव मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रतलाम जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर रतलाम के प्राचीन विरुपाक्ष महादेव मंदिर में भी शनिवार को महाशिवरात्रि के मौके पर भक्तों का सैलाब उमड़ा। पूरे देश में विरुपाक्ष महादेव के सिर्फ दो ही मंदिर हैं। एक चेन्नई में और दूसरा मध्यप्रदेश के रतलाम के बिलपांक में।
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इस मंदिर में बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए आज बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचे थे। इस मंदिर को भूलभुलैया वाला शिव मंदिर भी कहा जाता है। इस मंदिर के खंबों की गणना एक बार में कभी भी सही नहीं होती है। यह मध्य प्राचीनकाल का मंदिर है, जिसमें 64 खंबे बने हुए हैं। इस बार मंदिर में 80वां महारुद्र यज्ञ जारी है। उसके संपन्न होने के बाद खीर बांटी जाती है। इसे लेने पर सूनी गोद वाली महिलाओं की गोद भर जाती है। इस वजह से मंदिर में चल रहे रूद्र महायज्ञ का विशेष महत्व है। इसी कारण से यहां भक्तों का तांता लगता है।
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