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एमपी: कर्जमाफी एलान के बावजूद दो किसानों ने दे दी जान, यूरिया नहीं मिलने पर सड़कों पर उतरे

Tue, 25 Dec 2018 05:29 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: अजय सिंह Updated Tue, 25 Dec 2018 05:29 AM IST
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Madhya Prdesh : two farmer committed suicide because they were not in loan waiver scheme

मध्यप्रदेश की नवगठित कांग्रेस सरकार की कर्जमाफी की योजना के दायरे में कथित रूप से नहीं आने के कारण एक सप्ताह के अंदर दो किसानों ने आत्महत्या कर ली है। वहीं राज्य में किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा। रबी फसलों को लेकर चिंतित किसान अब आक्रोशित हो रहे हैं।

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खांडवा जिले की पंधाना विधानसभा क्षेत्र के अस्तरिया गांव के 45 वर्षीय एक आदिवासी किसान ने कथित तौर पर पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव शनिवार सुबह करीब 7 बजे उसी के खेत के एक पेड़ से रस्सी से लटकता मिला ।
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किसान के परिजनों का आरोप है कि सरकार की हाल ही में जारी कर्ज माफी के आदेश के बाद भी वह उस दायरे में नहीं आ सका क्योंकि राज्य सरकार ने 31 मार्च 2018 तक का कर्जा माफ करने की घोषणा की है । मृत किसान पर इस तिथि के बाद का राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों का करीब तीन लाख रूपये का कर्ज था।
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पंधाना पुलिस थाना प्रभारी शिवेंद्र जोशी ने बताया, ‘अस्तरिया गांव के किसान जुवान सिंह (45) का शव खेत के पेड पर आज सुबह लटका हुआ मिला।’ उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही पंधाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच कर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जोशी ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है। मामले की जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि किसान ने किस बात को लेकर आत्महत्या की है। वहीं, काला पीपल साजापुर जिले के एक किसान प्रेमनारायण रघुवंशी (65) ने भी कर्जमाफी योजना के दायरे में न आने के चलते 20 दिसंबर को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। 

यूरिया नहीं मिलने किसान सड़कों पर उतरे

वहीं राज्य में किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा। रबी फसलों को लेकर चिंतित किसान अब आक्रोशित हो रहे हैं। विदिशा और राजगढ़ में यूरिया नहीं मिलने पर किसानों ने जाम लगा दिया। यही स्थिति छतरपुर में भी रही। राजगढ़ में आठ दिन में तीसरी बार किसानों ने हाईवे पर जाम लगाया है।  किसानों का आरोप है कि खुले बाजार में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। 

राजगढ़ जिले में अफसरों की लापरवाही के चलते सोसायटियों सहित गोदामों पर सुबह से शाम तक लाइन में लगे होने के बाद भी यूरिया नहीं मिलने से परेशान किसानों ने विभाग और प्रशासन के प्रति आक्रोश जताने हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। पिछले 8 दिनों में किसानों ने कलेक्टोरेट के सामने तीसरी बार सोमवार को चक्काजाम किया।  छतरपुर में खाद के लिए परेशान हो रहे किसानों ने सोमवार को बस स्टैंड के समीप किसान सुविधा केंद्र के सामने सड़क पर ट्रैक्टरों को खड़ाकर जाम लगाया और यूरिया होने के बावजूद नहीं मिलने पर प्रदर्शन किया। 
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