{"_id":"6182415c732994138d4489c5","slug":"madhya-pradesh-will-recover-damages-from-those-who-damage-government-and-private-property-preparing-to-bring-law","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश: सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूलेंगे हर्जाना, कानून लाने की तैयारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश: सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूलेंगे हर्जाना, कानून लाने की तैयारी
Wed, 03 Nov 2021 01:29 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 03 Nov 2021 01:29 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में सरकारी और निजी संपत्ति को पथराव या किसी अन्य तरीके से नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को कहा है कि राज्य में जल्द ही प्रिवेंशन ऑफ लॉस ऑफ पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एंड रिकवरी ऑफ डैमेज एक्ट लाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी या प्राइवेट संपत्ति पर पथराव या अन्य किसी तरीके से नुकसान पहुंचाने वाले से हर्जाना वसूला जाएगा। यह हर्जाना घटना की जगह के आधार पर तय होगा। दंगाई, पत्थरबाज और दूसरों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कानून के तहत एक ट्रिब्यूनल बनेगा, जो हर्जाना तय करेगा। इसमें पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी, आईजी स्तर का अधिकारी और रिटायर्ड सेक्रेटरी होगा। इस ट्रिब्यूनल को सिविल कोर्ट जैसे अधिकार होंगे। कलेक्टर सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की जानकारी इस ट्रिब्यूनल को देगा। इसी तरह अगर किसी की निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है तो वह भी ट्रिब्यूनल से संपर्क कर सकेगा। उन्हें नुकसान की जानकारी ट्रिब्यूनल को देनी होगी। गृहमंत्री के अनुसार इस ट्रिब्यूनल को लैंड रेवेन्यू कोड जैसे ही अधिकार होंगे। केसेस का निपटारा एक महीने के अंदर किया जाएगा। इस ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ सीधे हाईकोर्ट में ही हो सकेगी।
विज्ञापन
मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कानून के तहत एक ट्रिब्यूनल बनेगा, जो हर्जाना तय करेगा। इसमें पुलिस महानिदेशक स्तर का अधिकारी, आईजी स्तर का अधिकारी और रिटायर्ड सेक्रेटरी होगा। इस ट्रिब्यूनल को सिविल कोर्ट जैसे अधिकार होंगे। कलेक्टर सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की जानकारी इस ट्रिब्यूनल को देगा। इसी तरह अगर किसी की निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है तो वह भी ट्रिब्यूनल से संपर्क कर सकेगा। उन्हें नुकसान की जानकारी ट्रिब्यूनल को देनी होगी। गृहमंत्री के अनुसार इस ट्रिब्यूनल को लैंड रेवेन्यू कोड जैसे ही अधिकार होंगे। केसेस का निपटारा एक महीने के अंदर किया जाएगा। इस ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ सीधे हाईकोर्ट में ही हो सकेगी।
विज्ञापन
