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मध्यप्रदेश में अब मुख्यमंत्री दौड़ अजब है, सिंधिया से मिले 70 विधायक तो ये ट्विस्ट भी चौंकाता है
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:33 PM IST
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कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया
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मध्यप्रदेश में अब मुख्यमंत्री की दौड़ आखिरी 100 मीटर की ओर बढ़ती दिख रही है। लेकिन इस 100 मीटर में भी अप्रत्याशित नतीजे सामने आ सकते हैं। नए चुने गए विधायकों ने इस दौड़ में आगे कमलनाथ और सिंधिया से मुलाकात की। सिंधिया से 70 विधायक एक निजी होटल में भी मिले। बाद में ग्वालियर-चंबल के विधायकों के साथ सिंधिया ने लंच भी किया।
अब जरा गणित समझिए। कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की है। इस आंकड़े को आधे में बांटा जाए तो बनता है- 57। लेकिन, सिंधिया से मिलने वाले विधायकों की संख्या है 70 यानी पूरे 62 फीसदी विधायक। अगर वोटों के दम पर जीतकर आए विधायकों से वोट लिया गया तो पलड़ा कमलनाथ की बजाय, ज्योतिरादित्य सिंधिया के हक में भी झुक सकता है।
इस सामूहिक मुलाकात के अलावा भी अलग-अलग जाकर कई विधायक, सिंधिया से निजी मुलाकातें कर रहे हैं। बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र से विजेता निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा और सुसनेर से जीतकर आए विक्रम सिंह राणा ने भी सिंधिया से मुलाकात की। हालांकि, कांग्रेस खेमे से लगातार ये संदेश दिया जा रहा है कि सीएम की दौड़ में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया को मना लिया गया है। एंटनी के सामने दोनों के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।
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इससे पहले, मध्य प्रदेश के पर्यवेक्षक एके एंटेनी, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार रात को ही दिल्ली पहुंच गए थे। सभी आज राहुल गांधी से मुलाकात कर रहे हैं।
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अब जरा गणित समझिए। कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की है। इस आंकड़े को आधे में बांटा जाए तो बनता है- 57। लेकिन, सिंधिया से मिलने वाले विधायकों की संख्या है 70 यानी पूरे 62 फीसदी विधायक। अगर वोटों के दम पर जीतकर आए विधायकों से वोट लिया गया तो पलड़ा कमलनाथ की बजाय, ज्योतिरादित्य सिंधिया के हक में भी झुक सकता है।
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इस सामूहिक मुलाकात के अलावा भी अलग-अलग जाकर कई विधायक, सिंधिया से निजी मुलाकातें कर रहे हैं। बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र से विजेता निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा और सुसनेर से जीतकर आए विक्रम सिंह राणा ने भी सिंधिया से मुलाकात की। हालांकि, कांग्रेस खेमे से लगातार ये संदेश दिया जा रहा है कि सीएम की दौड़ में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया को मना लिया गया है। एंटनी के सामने दोनों के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।
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एक और ट्विस्ट
मुख्यमंत्री की रेस में एक ट्विस्ट भी देखने को मिल रहा है। दो बार, प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह ने भी बीती शाम 30 विधायकों के साथ अलग से बैठक की है। एक ऐसे वक्त में जब मुख्यमंत्री को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो, तब इस खबर के मायने निकाले जाना भी स्वाभाविक है। जयवर्धन, राघोगढ़ सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं।इससे पहले, मध्य प्रदेश के पर्यवेक्षक एके एंटेनी, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार रात को ही दिल्ली पहुंच गए थे। सभी आज राहुल गांधी से मुलाकात कर रहे हैं।
