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उज्जैन में साकार होगा CM का संकल्प: हिन्दी में लिखे जाएंगे होटल-रेस्टोरेंट के नाम, प्रशासन की बैठक में बनी सहमति
Sat, 09 Apr 2022 05:36 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 09 Apr 2022 05:36 PM IST
सार
धर्मनगरी उज्जैन में अब नई पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री के संकल्प को साकार करने की दिशा में काम हो रहा है। आने वाले समय में उज्जैन में होटलों, लॉज व रेस्टोरेंट के नाम हिन्दी भाषा में लिखे जाएंगे। बैठक में इस पर सहमति बन गई है।
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अभी अंग्रेजी में लिखे हुए हैं होटलों व रेस्टोरेंट के नाम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के उज्जैन में अब नई पहल देखने को मिलेगी। यहां होटलों, लॉज, रेस्टोरेंट आदि के नाम हिन्दी में लिखे जाएंगे। मुख्यमंत्री के आह्वान पर यह फैसला लिया गया है। इसमें प्रशासन के साथ ही होटल एसोसिएशन भी सहमत है। एक माह के अंदर हिन्दी में नाम लिखने की शुरुआत हो जाएगी।
धर्मनगरी उज्जैन में देश के साथ ही विदेश से भी लोग आते हैं। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल के दर्शन करते हैं और यहां के समृद्ध अतीत की जानकारी लेते हैं। कुछ दिन पहले उज्जैन ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था और एक साथ 12 लाख से ज्यादा दीपक जलाए थे। इसी तरह अब हिन्दी भाषा की एकरुपता के तौर पर महाकाल की नगरी नई पहचान गढ़ने जा रही है। शहर में मार्ग संकेतक, सूचना पटल से लेकर होटलों के नाम तक हिन्दी में लिखे जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु को शहर में हिन्दी भाषा की एकरूपता नजर आए और राष्ट्रभाषा के प्रति अपनत्व दिख सकें। चूंकि धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे उज्जैन में तेजी से होटल तथा पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ रही हैं इसलिए होटलों के नाम हिन्दी में किए जाने की कवायद शुरू की गई है।
वर्तमान में महाकाल क्षेत्र में करीब 400 होटल, धर्मशालाएं व लॉज हैं। इनमें अधिकांश के नाम अंग्रेजी में लिखे हैं। आने वाले दिनों में इन सबके नाम हिन्दी में लिखे जाएंगे। प्रशासन ने शनिवार को होटल एसोसिएशन के साथ बैठक की। इसमें शहर के होटल संचालकों ने इस पर सहमति जताते हुए अगले एक माह में सभी साइन बोर्ड और प्रचार सामग्री पर हिन्दी भाषा का उपयोग करने की बात कही।
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कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुसार शहर के होटलों के नाम हिन्दी में लिखे जाएंगे। इसके लिए होटल व्यवसायियों के साथ बैठक हुई है, सभी नाम साइन बोर्ड हिन्दी में किए जाएंगे। होटल यात्रीगृह एसोसिएशन अध्यक्ष पं. राजेश त्रिवेदी ने कहा कि होटलों के नाम हिन्दी में नाम लिखने में एक अच्छी पहल है। उत्तर भारत में तो हिन्दी के साथ अंगे्रजी में नाम लिखते हैं। होटल व्यवसायियों को अपने प्रतिष्ठानों के नाम हिन्दी में लिखने में कोई आपत्ति नहीं है और सभी इस पहल में सहयोग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने दिलाया था संकल्प
बता दें कि गुड़ी पड़वा पर उज्जैन का नगर गौरव दिवस मनाया गया था। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विशेष रूप से उपस्थित हुए थे। उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समृद्धता पर अपनी बात कही थी। इसके साथ ही सीएम ने आग्रह किया था कि होटलों के नाम हिन्दी में लिखे जाएं। उज्जैनवासियों को इसका संकल्प दिलाया था। मुख्यमंत्री का कहना था कि इससे स्थानीय भाषा को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उनका मानना था कि हमारा अकादमिक विकास तभी होगा जब हमारी भाषा समृद्ध होगी। मुख्यमंत्री के इस संकल्प के बाद से ही प्रशासन इसे मूर्त रूप देने में जुट गया और अब जल्द ही हिन्दी में लिखे नाम नजर आएंगे।
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धर्मनगरी उज्जैन में देश के साथ ही विदेश से भी लोग आते हैं। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल के दर्शन करते हैं और यहां के समृद्ध अतीत की जानकारी लेते हैं। कुछ दिन पहले उज्जैन ने विश्व रिकॉर्ड बनाया था और एक साथ 12 लाख से ज्यादा दीपक जलाए थे। इसी तरह अब हिन्दी भाषा की एकरुपता के तौर पर महाकाल की नगरी नई पहचान गढ़ने जा रही है। शहर में मार्ग संकेतक, सूचना पटल से लेकर होटलों के नाम तक हिन्दी में लिखे जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालु को शहर में हिन्दी भाषा की एकरूपता नजर आए और राष्ट्रभाषा के प्रति अपनत्व दिख सकें। चूंकि धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित हो रहे उज्जैन में तेजी से होटल तथा पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ रही हैं इसलिए होटलों के नाम हिन्दी में किए जाने की कवायद शुरू की गई है।
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वर्तमान में महाकाल क्षेत्र में करीब 400 होटल, धर्मशालाएं व लॉज हैं। इनमें अधिकांश के नाम अंग्रेजी में लिखे हैं। आने वाले दिनों में इन सबके नाम हिन्दी में लिखे जाएंगे। प्रशासन ने शनिवार को होटल एसोसिएशन के साथ बैठक की। इसमें शहर के होटल संचालकों ने इस पर सहमति जताते हुए अगले एक माह में सभी साइन बोर्ड और प्रचार सामग्री पर हिन्दी भाषा का उपयोग करने की बात कही।
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कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुसार शहर के होटलों के नाम हिन्दी में लिखे जाएंगे। इसके लिए होटल व्यवसायियों के साथ बैठक हुई है, सभी नाम साइन बोर्ड हिन्दी में किए जाएंगे। होटल यात्रीगृह एसोसिएशन अध्यक्ष पं. राजेश त्रिवेदी ने कहा कि होटलों के नाम हिन्दी में नाम लिखने में एक अच्छी पहल है। उत्तर भारत में तो हिन्दी के साथ अंगे्रजी में नाम लिखते हैं। होटल व्यवसायियों को अपने प्रतिष्ठानों के नाम हिन्दी में लिखने में कोई आपत्ति नहीं है और सभी इस पहल में सहयोग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने दिलाया था संकल्प
बता दें कि गुड़ी पड़वा पर उज्जैन का नगर गौरव दिवस मनाया गया था। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विशेष रूप से उपस्थित हुए थे। उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समृद्धता पर अपनी बात कही थी। इसके साथ ही सीएम ने आग्रह किया था कि होटलों के नाम हिन्दी में लिखे जाएं। उज्जैनवासियों को इसका संकल्प दिलाया था। मुख्यमंत्री का कहना था कि इससे स्थानीय भाषा को मजबूत करने में मदद मिलेगी। उनका मानना था कि हमारा अकादमिक विकास तभी होगा जब हमारी भाषा समृद्ध होगी। मुख्यमंत्री के इस संकल्प के बाद से ही प्रशासन इसे मूर्त रूप देने में जुट गया और अब जल्द ही हिन्दी में लिखे नाम नजर आएंगे।
