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Madhya pradesh: शिवराज बोले- अमरकंटक को हम रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करेंगे, जनता से बिजली बचाने की अपील
Sun, 05 Jun 2022 06:14 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 05 Jun 2022 06:14 PM IST
सार
विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम अमरकंटक को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करेंगे। सीएम ने जनता से बिजली बचाने की भी अपील की। साथ ही कहा कि धरती के अस्तित्व पर संकट है।
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सीएम ने पर्वावरण के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रमें नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और सेवा के लिए संकल्प दिलाया। सीएम ने कहा कि आज पूरी दुनिया चिंता प्रकट कर रही है। धरती के अस्तित्व पर संकट है। ओजोन लेयर का लगातार क्षरण हो रहा है। ग्रीन हाउस गैसें बढ़ रही हैं। जिससे आने वाले समय में जीवन के अस्तित्व पर ही खतरा हो जाएगा। हम अपनी सुख सुविधा के लिए धरती को रहने लायक ही नहीं रहने दे रहे। सीएम ने कहा कि जितने भी विकसित देश हैं वे कार्बन उत्सर्जन को कम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तात्कालिक स्वार्थ ने हमारी आंखों पर पट्टी बांध दी। उन्होंने कहा कि तापमान बढ़ा तो पक्षियों की प्रजातियां खत्म हो जाएंगी। ग्लेशियर पिघलेंगे और समुद्र का जलस्तर बढ़ जाएगा। हमें देखना चाहिए कि पहले गर्मी कैसे पड़ती थी। अब कैसे पड़ रही है। पहले बारिश कैसे होती थी और अब कैसी हो रही है।
अमरकंटक को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करेंगे
सीएम ने कहा कि आज एक कठोर फैसला मैं कर रहा हूं। हम अमरकंटक को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करेंगे। केवल जो अमरकंटक का आबादी वाला क्षेत्र है, उस क्षेत्र को हम छोड़ेंगे। जो लोग वहां रह रहे हैं, वो वहां रहेंगे। उनको दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन अब पेड़ काटते जाओ और बसाते जाओ नहीं चलेगा। अमरकंटक सीमेंट कांक्रीट का जंगल हो जाएगा तो नर्मदा जी कहां से बचेंगी। अगर बचाना है तो हमको कुछ तो कठोर कदम उठाने पड़ेंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि अमरकंटक से यूकेलिप्टस के पेड़ कटवा रहा हूं। वहां पर हम अपने स्थानीय प्रजाति जैसे नीम, मौलश्री, बरगद के पड़े लगवाने का काम करेंगे।
मैं खुद स्विच ऑफ करता हूं
सीएम ने जनता से ऊर्जा संरक्षण और बचत की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिजली है तो भरभूर बिजली दे रहे हैं। अभी भी कुछ लोग बिना बिजली के पंखे चलने दो। कई जगह तो एसी घननाते हुए चलते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं दिन में बाथरूम में बल्ब नहीं जलाता, मेरे बाथरूम में इतना उजाला आता है। अपने कमरे से निकलते समय मेरे हाथ अपने आप स्विच की तरफ बढ़ते हैं, मैं इंतजार नहीं करता कि सीएम हूं तो कोई आएगा और करेगा। हम 1 यूनिट बिजली बचाएंगे तो 900 ग्राम कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कम करते हैं।
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हमको आने वाली पीढ़ी के लिए धरती बचाना
सीएम ने कहा कि इतना स्वार्थी ना हो इंसान कि हम आज का देख लें कल भाड़ में जाए, हमें क्या करना हैं। हमको आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती बचाना है। पेड़ बचाना, पर्यावरण बचाने का सबसे प्रमुख साधन है। इस अवसर पर मैं गदगद मन से, आप सबको हृदय से धन्यवाद देता हूं। आप बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। आप वृक्ष मित्र हैं, पर्यावरण मित्र हैं। आप धरती को बचाने के पवित्र काम में लगे हुए हैं। इससे बड़ा कोई काम नहीं है। सीएम ने कहा कि पौधरोपण ही पृथ्वी को बचाएगा।
सरकार दफ्तरों पर सोलर पैनल लगाएंगे
सीएम ने कहा कि आज पर्यावरण दिवस के दिन मैं यह फैसला कर रहा हूं कि हर एक सरकारी दफ्तर में जहां लग सकता है हम सोलर ऊर्जा का इंतजाम करेंगे। सोलर पैनल लगाएंगे। क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ेंगे। यह भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बहुत उपयोगी है।
बाजार गाड़ी की बजाए साइकिल से जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आवश्यक न हो तो आस पास बाजार करने या दूसरे छोटे मोटे काम के लिए साइकिल से जाएं। इससे आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी विस्तार कर रहे हैं। भोपाल और इंदौर में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह बड़ा कदम हैं।
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अमरकंटक को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करेंगे
सीएम ने कहा कि आज एक कठोर फैसला मैं कर रहा हूं। हम अमरकंटक को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करेंगे। केवल जो अमरकंटक का आबादी वाला क्षेत्र है, उस क्षेत्र को हम छोड़ेंगे। जो लोग वहां रह रहे हैं, वो वहां रहेंगे। उनको दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन अब पेड़ काटते जाओ और बसाते जाओ नहीं चलेगा। अमरकंटक सीमेंट कांक्रीट का जंगल हो जाएगा तो नर्मदा जी कहां से बचेंगी। अगर बचाना है तो हमको कुछ तो कठोर कदम उठाने पड़ेंगे। वहीं, उन्होंने कहा कि अमरकंटक से यूकेलिप्टस के पेड़ कटवा रहा हूं। वहां पर हम अपने स्थानीय प्रजाति जैसे नीम, मौलश्री, बरगद के पड़े लगवाने का काम करेंगे।
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मैं खुद स्विच ऑफ करता हूं
सीएम ने जनता से ऊर्जा संरक्षण और बचत की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिजली है तो भरभूर बिजली दे रहे हैं। अभी भी कुछ लोग बिना बिजली के पंखे चलने दो। कई जगह तो एसी घननाते हुए चलते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं दिन में बाथरूम में बल्ब नहीं जलाता, मेरे बाथरूम में इतना उजाला आता है। अपने कमरे से निकलते समय मेरे हाथ अपने आप स्विच की तरफ बढ़ते हैं, मैं इंतजार नहीं करता कि सीएम हूं तो कोई आएगा और करेगा। हम 1 यूनिट बिजली बचाएंगे तो 900 ग्राम कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कम करते हैं।
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हमको आने वाली पीढ़ी के लिए धरती बचाना
सीएम ने कहा कि इतना स्वार्थी ना हो इंसान कि हम आज का देख लें कल भाड़ में जाए, हमें क्या करना हैं। हमको आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती बचाना है। पेड़ बचाना, पर्यावरण बचाने का सबसे प्रमुख साधन है। इस अवसर पर मैं गदगद मन से, आप सबको हृदय से धन्यवाद देता हूं। आप बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। आप वृक्ष मित्र हैं, पर्यावरण मित्र हैं। आप धरती को बचाने के पवित्र काम में लगे हुए हैं। इससे बड़ा कोई काम नहीं है। सीएम ने कहा कि पौधरोपण ही पृथ्वी को बचाएगा।
सरकार दफ्तरों पर सोलर पैनल लगाएंगे
सीएम ने कहा कि आज पर्यावरण दिवस के दिन मैं यह फैसला कर रहा हूं कि हर एक सरकारी दफ्तर में जहां लग सकता है हम सोलर ऊर्जा का इंतजाम करेंगे। सोलर पैनल लगाएंगे। क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ेंगे। यह भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बहुत उपयोगी है।
बाजार गाड़ी की बजाए साइकिल से जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आवश्यक न हो तो आस पास बाजार करने या दूसरे छोटे मोटे काम के लिए साइकिल से जाएं। इससे आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी विस्तार कर रहे हैं। भोपाल और इंदौर में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह बड़ा कदम हैं।
