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मध्यप्रदेश: डेल्टा प्लस वैरिएंट की वजह से चार लोगों की मौत, भोपाल में भी महिला में मिला ये वायरस

Mon, 21 Jun 2021 10:15 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: Tanuja Yadav Updated Mon, 21 Jun 2021 10:15 AM IST
सार

मध्यप्रदेश के शिवपुरी में कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट की वजह से चार लोगों की मौत हो गई। जांच में पाया गया कि ये वैरिएंट तीन दिन में गले से फेफड़ों तक पहुंच जाता है। बता दें कि इन चारों लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराकें लग चुकी थीं।

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Madhya Pradesh shivpuri corona cases four people died due to covid new variant delta plus after vaccinated
कोरोना का नया वैरिएंट - फोटो : iStock

विस्तार

कोरोना की दूसरी लहर के तहत अब भले ही दैनिक मामले बहुत कम आ रहे हों लेकिन कोरोना का खतरा अभी भी बना हुआ है। हाल ही में डेल्टा वैरिएंट का एक और म्यूटेशन सामने आया है। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में डेल्टा प्लस के वैरिएंट की वजह से चार लोगों की मौत हो गई। 

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इन लोगों के सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया, जिसके बाद इस बात का खुलासा हुआ। इसमें हैरानी की बात यह है कि इन चारों लोगों को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी थी। अब इनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची है। 
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हालांकि सभी लोगों के स्वस्थ्य होने की वजह से किसी का सैंपल नहीं लिया गया। बता दं कि भोपाल में भी 16 जून को 65 साल की एक महिला में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिल चुका है। डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर एम्स के निदेशक गुलेरिया ने चिंता भी जताई है। सीएमएचओ डॉ. एएल शर्मा बताते हैं कि डेल्टा प्लस वैरिएंट की वजह से अजाक थाने के हवलदार प्रेमनारायण द्विवेदी, पिछोर के शिक्षक सुरेंद्र शर्मा, सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिक्षक विनय चतुर्वेदी और सूरजपाल की अचानक तबीयक बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई।
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उन्होंने बताया कि चार-पांच घंटे पहले ये मरीज सामान्य हालत में थे। उन्होंने बताया कि ये वैरिएंट इसलिए घातक है क्योंकि ये तीन दिन में ही गले से फेफड़ों तक पहुंच जाता है। जबकि सामान्य वायरस को गले से फेफड़ों तक पहुंचने में सात दिन का समय लगता है। इसके अलावा डेल्टा प्लस वैरिएंट संपर्क में आए लोगों को भी गंभीर बीमार करता है।


बता दें कि डेल्टा प्लस कोरोना का सबसे खतरनाक वैरिएंट है, इसे डेल्टा-2 के नाम से जाना जाता है। अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा, ये चार वैरिएंट हैं, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताए हैं। इनमें सबसे खतरनाक डेल्टा वैरिएंट है, जो भारत में ही म्यूटेंट हुआ है। इसे B.1.617 के नाम से भी जाना जाता है। मध्यप्रदेश के शिवपुरी में जो वैरिएंट पाया गया, उसका नाम B.1.617.2 है। जांच के बाद इसे डेल्टा प्सल का नाम दिया गया है।

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