फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: Lokayukta did not take action even after complaint against IFS officer, HC issued notice and sought reply

मध्य प्रदेश: IFS अफसर पर शिकायत के बाद भी लोकायुक्त ने नहीं की कार्रवाई, HC ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Wed, 16 Feb 2022 03:04 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 16 Feb 2022 03:04 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने आईएफएस अफसर मोहन मीणा के ऊपर लगाए गए आर्थिक अनियमितताओं के आरोप पर भोपाल लोकायुक्त के कार्रवाई न करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

विज्ञापन
Madhya Pradesh: Lokayukta did not take action even after complaint against IFS officer, HC issued notice and sought reply
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय वन सेवा के तत्कालीन अपर प्रधान मुख्य वन सरंक्षक व पदेन वन संरक्षक मोहन मीणा द्वारा की गई आर्थिक अनियमितताओं व अन्य आरोपों को लेकर की गई शिकायत पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाने वाले मामले को गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस मनिंदर सिंह भट्टी की युगलपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई पर भोपाल लोकायुक्त को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


सागर के मकरोनिया निवासी पत्रकार प्रदीप कुमार जैन की तरफ से जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कि मोहन मीणा भारतीय वन सेवा तत्कालीन अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं पदेन वन संरक्षक बैतूल के द्वारा अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में कई आर्थिक अनियमितताएं की गई हैं।
विज्ञापन


याचिका के अनुसार आईएफएस मोहन मीणा द्वारा अपने क्षेत्र के वन भूमि पर संचालित शासकीय योजनाओं में कई प्रकार की आर्थिक अनियमितताओं के साथ ही बिना किसी अधिकारिता के अपने विभाग के कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया। उनके द्वारा बिना किसी अधिकार के अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का निलंबन, विभागीय जांच कर उन कर्मचारियों से अवैधानिक तरीके से राशि की मांग की जाती थी, जिससे मोहन मीणा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक बैतूल के विरुद्ध याचिकाकर्ता द्वारा लोकायुक्त भोपाल को कई शिकायतें की गई, लेकिन लोकायुक्त भोपाल द्वारा शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर यह याचिका दायर की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में फॉरेस्ट विभाग के सचिव, सीसीएफ भोपाल, कमिश्नर लोकायुक्त भोपाल व चीफ फॉरेस्ट रेंजर बैतूल को पक्षकार बनाया गया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने लोकायुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed