मध्यप्रदेश : कमलनाथ सरकार पर संकट, सिंधिया खेमे के 17 विधायक बंगलूरू पहुंचे
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मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर संकट अभी बरकरार है। कांग्रेस में अंदरूनी कलह और विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोपों के बीच सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा कम से कम 17 विधायक अचानक ‘लापता’ हो गए।
सिंधिया जहां शाम दिल्ली पहुंचे, वहीं छह मंत्रियों समेत 17 विधायक चार्टर्ड विमान से बंगलूरू पहुंच गए। माना जाता है कि दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं से सिंधिया की मुलाकात में उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में जगह देने और राज्यसभा सीट का प्रस्ताव दिया गया। इसके बाद ही दिल्ली से भोपाल तक हलचल तेज हो गई।
उधर, सिंधिया के भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा व नरेंद्र सिंह तोमर सहित कई वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। इस बीच, राज्यपाल लालजी टंडन को लखनऊ से भोपाल पहुंचने को कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, दिन में सिंधिया और कमलनाथ सरकार में छह मंत्रियों के फोन लगातार बंद आने लगे। मंत्रियों में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावत, श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, महिला व बाल विकास मंत्री इमरती देवी, खाद्य व आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी शामिल हैं। 10 से ज्यादा विधायकों और छह मंत्रियों के बंगलूरू पहुंचने की खबर है।
सूत्रों के मुताबिक, विधायकों को उत्तरी बंगलूरू के किसी रिसॉर्ट में ठहराया गया है। महादेवपुरा से भाजपा विधायक लगातार कांग्रेस विधायकों के संपर्क में हैं। गौरतलब है कि इससे पहले सिंधिया के कट्टर समर्थक मंत्री सिसोदिया सरकार को चेतावनी दे चुके हैं कि अगर सिंधिया का अपमान व अनदेखी हुई तो सरकार बच नहीं पाएगी।
सिंधिया को राज्यसभा सीट और कैबिनेट में जगह का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की ओर से जो फॉर्मूला तय हुआ है, उसमें सिंधिया को राज्यसभा भेजने और कैबिनेट में जगह देने का प्रस्ताव है। सहमति हो गई तो कमलनाथ सरकार का जाना तय है। सिंधिया लंबे समय से भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। बीते दिनों उन्होंने शिवराज के घर जाकर उनसे मुलाकात भी की थी।
पहले भी लौट चुके हैं विधायक
यह पूरा सियासी ड्रामा एक सप्ताह पहले शुरू हुआ था, जब कांग्रेस के दस विधायक लापता हो गए थे। इसके बाद पार्टी नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान व नरोत्तम मिश्रा पर विधायकों को 25 से 35 करोड़ रुपये देने का आरोप लगाया था। लापता विधायकों में पांच को अगले ही दिन भोपाल लाया गया था।
जबकि निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा, कांग्रेस विधायक बिसाहू लाल सिंह और रघुराज कंसाना भी वापस लौट आए थे। हालांकि एक कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग ने इस्तीफा दे दिया था। विधायकों के लौटने के बाद कांग्रेस नेताओं ने दावा किया था कि सरकार को कोई खतरा नहीं है।
भाजपा से रहा नहीं जा रहा : कमलनाथ
इससे पहले, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। मुलाकात के बाद सीएम ने कहा, भाजपा से अब रहा नहीं जा रहा है। उन्होंने 15 सालों में जो भ्रष्टाचार किया है, वह सामने आने जा रहा है। इसलिए वे बेचैन हैं और सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं। कांग्रेस विधायक तीर्थ यात्रा पर हैं और जल्द ही लौट आएंगे। हालांकि, इस बीच कमलनाथ दिल्ली से शाम को ही भोपाल लौट आए और दिग्विजय सिंह समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ मुलाकात की।
भाजपा ने बुलाई बैठक, ला सकती है अविश्वास प्रस्ताव
सियासी उठापटक के बीच मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र 16 मार्च से शुरू होगा और भाजपा पहले ही दिन कमलनाथ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है। भाजपा ने मंगलवार शाम पार्टी कार्यालय में अपने विधायकों की बैठक बुलाई है, जिसमें पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।
