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कर्जमाफी सूची में किसान के 25 रुपये तो पूर्व भाजपा मंत्री कुसमरिया के 1.61 लाख रुपये दर्ज
Wed, 23 Jan 2019 02:40 PM IST
अनिल पांडेय
न्यूज डेस्क, भोपाल
न्यूज डेस्क, भोपाल
Published by: अनिल पांडेय
Updated Wed, 23 Jan 2019 02:40 PM IST
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रामकृष्ण कुसमारिया (फाइल)
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मध्य प्रदेश में किसान कर्जमाफी सूची में जहां किसानों के 25 रुपये दर्ज हैं वहीं भाजपा के पूर्व मंत्री के लाखों रुपये दर्ज हैं। हिनौता एसबीआई शाखा से जारी कर्जदार किसानों की सूची में पूर्व कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया का नाम भी है। बैंक ने उनके नाम से करीब 1.61 लाख रुपए का कर्ज बकाया दर्शाया है। हालांकि डॉ. कुसमारिया ने कर्जमाफी के लिए आवेदन नहीं किया है।
डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया का कहना है कि वह सांसद, विधायक, मंत्री रहे हैं इसलिए वे इस योजना के दायरे में नहीं आते। वहीं एसबीआई की हिनौता शाखा के मैनेजर नारायण कुर्मी ने कहा कि कुसमरिया बड़े किसान हैं और उनका कर्ज रुटीन है। कुर्मी का कहना है कि कर्जदार किसानों की यह अंतिम सूची नहीं है।
वहीं राज्य के खुरगोन में किसान दो महीने से ऋणमाफी की जिस लिस्ट का इंतजार कर रहे थे, उसके देखते ही वह हैरान रह गए। सूची में दर्शाया गया कि किसानों का केवल 25 से 30 रुपये का ऋण माफ हुआ है। किसान इस बात से बेहद नाराज हैं और उनका कहना है कि कर्ज की राशि लाखों में है।
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प्रशासन के अनुसार ये सूची उन्हीं किसानों की है जिनपर 31 मार्च 2018 की अवधि तक ऋण है। बता दें चुनावों से पहले कांग्रेस ने सभी किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। कर्जमाफी की सूची जय किसान ऋण मुक्ति योजना के तहत स्थानीय टाउन हॉल में लगाई गई।
इसी तरह खुरगोन में लगी सूची देख रहे जैतपुर के किसान प्रकाश का कहना है कि उनके 25 रुपये माफ हुए हैं। जबकि उन्होंने ढाई लाख रुपये का कर्ज लिया था। ठीक इसी तरह सिकंदरपुरा के अमित नामक किसान के 300 रुपये माफ हुए हैं, जबकि उसपर 30 हजार रुपये का कर्ज था।
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डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया का कहना है कि वह सांसद, विधायक, मंत्री रहे हैं इसलिए वे इस योजना के दायरे में नहीं आते। वहीं एसबीआई की हिनौता शाखा के मैनेजर नारायण कुर्मी ने कहा कि कुसमरिया बड़े किसान हैं और उनका कर्ज रुटीन है। कुर्मी का कहना है कि कर्जदार किसानों की यह अंतिम सूची नहीं है।
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वहीं राज्य के खुरगोन में किसान दो महीने से ऋणमाफी की जिस लिस्ट का इंतजार कर रहे थे, उसके देखते ही वह हैरान रह गए। सूची में दर्शाया गया कि किसानों का केवल 25 से 30 रुपये का ऋण माफ हुआ है। किसान इस बात से बेहद नाराज हैं और उनका कहना है कि कर्ज की राशि लाखों में है।
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प्रशासन के अनुसार ये सूची उन्हीं किसानों की है जिनपर 31 मार्च 2018 की अवधि तक ऋण है। बता दें चुनावों से पहले कांग्रेस ने सभी किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। कर्जमाफी की सूची जय किसान ऋण मुक्ति योजना के तहत स्थानीय टाउन हॉल में लगाई गई।
इसी तरह खुरगोन में लगी सूची देख रहे जैतपुर के किसान प्रकाश का कहना है कि उनके 25 रुपये माफ हुए हैं। जबकि उन्होंने ढाई लाख रुपये का कर्ज लिया था। ठीक इसी तरह सिकंदरपुरा के अमित नामक किसान के 300 रुपये माफ हुए हैं, जबकि उसपर 30 हजार रुपये का कर्ज था।
