मध्यप्रदेश चुनाव : बागियों को मनाने में भाजपा का छूटा पसीना, फिर भी नहीं माने दो पूर्व मंत्री
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मध्य प्रदेश में पिछले 15 सालों से सत्तारूढ़ भाजपा को इस बार अपने बागियों को मनाने में पसीना छूट गया। बावजूद इसके दो पूर्व मंत्रियों समेत कुछ बड़े नामों ने चुनाव मैदान छोड़ने से इंकार कर दिया है।
बता दें कि बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए नाम वापसी का अंतिम दिन था। लिहाजा भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने बागियों को मनाने में पूरी ताकत झोंक दी। लेकिन बुंदेलखंड में भाजपा के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया और अशोकनगर में पूर्व मंत्री डॉ. कन्हैयालाल अग्रवाल ने नाम वापस लेने से इंकार कर दिया।
जो नहीं मानेंगे उनपर संगठन करेगा कार्रवाई
कुसमरिया पांच बार सांसद रहे हैं और दो बार विधायक। वह शिवराज सरकार में मंत्री भी रहे। इस बार पार्टी ने उनको अपना स्टार प्रचारक भी बनाया है। लेकिन उनका टिकट काट दिया। नतीजतन कुसमरिया ने दो विधानसभा सीटों दमोह और पथरिया से बतौर निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया। भाजपा ने अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा को हेलीकॉप्टर देकर उन्हें मनाने भेजा, पर वे नहीं पसीजे।
यही कहानी अग्रवाल, भोपाल के बैरसिया में ब्रह्मानन्द रत्नाकर, जबलपुर में धीरज पटेरिया, भिंड में नरेंद्र कुशवाह, ग्वालियर में पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, महेश्वर में राजकुमार मेव के मामले में हुई। हालांकि प्रदेश संगठन प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि पार्टी अंतत: सबको मना लेगी और जो नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
