फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: Cremation workers are doing continuous work, last rites like their own are done by non residents

मध्यप्रदेश: श्मशान कर्मचारी कर रहे लगातार काम, गैरों का कर रहे अपनों की तरह अंतिम संस्कार

Wed, 05 May 2021 12:51 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, इंदौर
पीटीआई, इंदौर Published by: Kuldeep Singh Updated Wed, 05 May 2021 12:51 AM IST
सार

  • शहर के रीजनल पार्क मुक्तिधाम के व्यवस्थापक हरिशंकर कुशवाह ने  बताया कि हम हर रोज सुबह छह बजे काम शुरू करते हुए अस्थि संचय की रस्म अदा करने में लोगों की मदद करते हैं
  • चिताएं जलाने का सिलसिला सुबह नौ बजे से शुरू हो जाता है जो शाम सात बजे तक चलता रहता है।

विज्ञापन
Madhya Pradesh: Cremation workers are doing continuous work, last rites like their own are done by non residents
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोविड-19 की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच यहां श्मशानों में लगातार चिताएं जल रही हैं और इनके कर्मचारी दिन में करीब 15 घंटे तक काम करते हुए शवों के अंतिम संस्कार में शोकसंतप्त परिजनों की मदद कर रहे हैं।

विज्ञापन


शहर के रीजनल पार्क मुक्तिधाम के व्यवस्थापक हरिशंकर कुशवाह ने मंगलवार को मीडिया को बताया, हम हर रोज सुबह छह बजे काम शुरू करते हुए अस्थि संचय की रस्म अदा करने में लोगों की मदद करते हैं। चिताएं जलाने का सिलसिला सुबह नौ बजे से शुरू हो जाता है जो शाम सात बजे तक चलता रहता है। इसके बाद एक-दो घंटे हमें श्मशान परिसर की सफाई में लगते हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, महामारी के मौजूदा माहौल को देखते हुए ज्यादातर लोग चिता को जल्द से जल्द अग्नि देकर मुक्तिधाम से निकल जाना चाहते हैं। ऐसे में हमें चिता में लकड़ियां डालते हुए इस बात का बराबर ध्यान रखना पड़ता है कि अंतिम संस्कार ठीक से हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुशवाह ने बताया कि कई परिवार कोविड-19 के शिकार अपने परिजन के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान नहीं पहुंच पा रहे हैं क्योंकि वे खुद महामारी से पीड़ित होकर घर या अस्पताल में हैं। उन्होंने बताया, इस स्थिति में हमने पिछले दो महीनों के दौरान 30-35 शवों का अंतिम संस्कार खुद किया है।

उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ मामलों में शोक संतप्त परिजनों ने मुक्तिधाम प्रबंधन को ऑनलाइन माध्यम से अंतिम संस्कार शुल्क का भुगतान कर दिया, जबकि कुछ मामलों में बिना किसी शुल्क के अंत्येष्टि की गई है।

कुशवाह के मुताबिक इन दिनों 30 से 35 शव अंतिम संस्कार के लिए हर रोज रीजनल पार्क मुक्तिधाम लाए जा रहे हैं। हालांकि, इनमें कोविड-19 के अलावा अन्य बीमारियों से मरे लोग भी शामिल हैं।

गौरतलब है कि इंदौर, सूबे में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है जहां महामारी की दूसरी लहर की रोकथाम के लिए जनता कर्फ्यू (आंशिक लॉकडाउन) लागू है। कर्फ्यू के दौरान लोगों को बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की इजाजत है, जबकि अस्पताल संक्रमितों से भरे हैं।


सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1,18,085 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,169 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed