मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक: राजधानी परियोजना प्रशासन बंद करने को स्वीकृति, अब पीडब्ल्यूडी देखेगा काम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। इसमें राजधानी परियोजना प्रशासन को बंद करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। अब बिल्डिंग और सड़क के रखरखाव का काम पीडब्ल्यूडी और पार्कों को वन विभाग को सौंपा जाएगा।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। इसमें राजधानी परियोजना प्रशासन को बंद करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। अब बिल्डिंग और सड़क के रखरखाव का काम पीडब्ल्यूडी और पार्कों को वन विभाग को सौंपा जाएगा।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि राजधानी परियोजना प्रशासन को बंद करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। राजधानी परियोजना प्रशासन अभी मंत्रालय, विधायक विश्राम गृह, गैर राहत एवं पुनर्वास विभाग चिकित्सालय, आवास और भोपाल की सड़कों के रखरखाव का काम देख रहा था। यह काम अब लोक निर्माण विभाग देखेगा। वहीं, राजधानी परियोजना प्रशासन की देखरेख वाले पार्कों को वन विभाग संभालेगा। इसमें काम करने वाले अधिकारियों का संविलियन लोक निर्माण विभाग और वन विभाग में होगा।
कैबिनेट ने वन समितियों को लाभांश 10 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत देने को स्वीकृति दी है। विभाग ने 10 प्रतिशत का प्रस्ताव रखा था। साथ ही वन समितियों का गठन अब ग्राम सभाएं करेंगी। इसमें वन विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
बैठक में ओंकारेश्वर जलाशय पर प्रस्तावित 600 मेगावाट और छतरपुर के सौर ऊर्जा पार्क से 950 मेगावाट बिजली खरीदने के लिए मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी को स्वीकृति दी गई है।
