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मध्यप्रदेश चुनाव: 'ताई' पर भारी पड़े कैलाश 'भाई', बाबूलाल गौर ने भी अपनी बात मनवाई
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Thu, 08 Nov 2018 02:32 PM IST
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मध्यप्रदेश चुनाव
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मध्यप्रदेश चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की तीसरी सूची के बाद कई सवालों के जवाब तो मिल गए लेकिन घमासान के आसार भी बढ़ गए हैं। इस सूची में नेताओं के बेटों-बहू का पूरा ध्यान रखा गया है। जिन इंदौर और गोविंदपुरा की सीट को लेकर जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ था, वह भी खत्म हो गया। हालांकि कुछ दिग्गजों को मायूसी हाथ लगी। यानि आने वाले दौर में बड़े नेताओं के बीच सियासी घमासान और तेज हो सकता है।
दरअसल, ताई अपने बेटे मंदार के लिए इंदौर-3 से टिकट की उम्मीद में थीं। अगर कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को इंदौर-2 से लड़वाने पर आलाकमान सहमत हो जाता तो मौजूदा विधायक रमेश मेंदोला को हटाना पड़ता। विजयवर्गीय मेंदोला को इंदौर-3 से लड़ाना चाहते थे। लेकिन इंदौर-3 से सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार को खड़ा करने की इच्छा रखती थीं। इसी गणित ने दो बड़े नेताओं को आमने-सामने ला खड़ा किया।
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कृष्णा गौर को भी टिकट
वहीं, भाजपा ने इस सूची के जरिए पूर्व सीएम बाबूलाल गौर को भी साधा है। गौर की बहू कृष्णा गौर को गोविंदपुरा से टिकट मिला है। बाबूलाल गौर ने इसे लेकर आलाकमान पर जबरदस्त दबाव बनाया हुआ था। वह और उनकी बहू नामांकन पत्र तक खरीद चुके थे। आखिर जीत उनकी ही हुई।
बहरहाल, इस सूची के बाद भाई कैलाश विजयवर्गीय और ताई सुमित्रा महाजन के बीच घमासान और तेज होने के आसार हैं। सवाल ये है कि क्या अब मंदार को किसी और जगह से टिकट मिलेगा? अगर नहीं मिला तो ताई यानी सुमित्रा महाजन का क्या रुख रहेगा? यानि टिकटों का एलान भले हो गया है, लेकिन भाजपा के लिए सिरदर्द खत्म नहीं हुआ है।
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भाजपा ने इंदौर की सीटों को लेकर स्थिति साफ कर दी है। इंदौर तीन से कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय को टिकट दिया गया है। इस सीट को लेकर कैलाश और सुमित्रा महाजन में रस्साकशी चल रही थी। आखिर कैलाश ही भारी पड़े। इस सीट को लेकर किस्सा बेहद दिलचस्प है। बता दें कि एमपी की सियासत में कैलाश विजयवर्गीय को भाई और सुमित्रा महाजन को ताई नाम से भी पुकारा जाता है।
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दरअसल, ताई अपने बेटे मंदार के लिए इंदौर-3 से टिकट की उम्मीद में थीं। अगर कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को इंदौर-2 से लड़वाने पर आलाकमान सहमत हो जाता तो मौजूदा विधायक रमेश मेंदोला को हटाना पड़ता। विजयवर्गीय मेंदोला को इंदौर-3 से लड़ाना चाहते थे। लेकिन इंदौर-3 से सुमित्रा महाजन अपने बेटे मंदार को खड़ा करने की इच्छा रखती थीं। इसी गणित ने दो बड़े नेताओं को आमने-सामने ला खड़ा किया।
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कृष्णा गौर को भी टिकट
वहीं, भाजपा ने इस सूची के जरिए पूर्व सीएम बाबूलाल गौर को भी साधा है। गौर की बहू कृष्णा गौर को गोविंदपुरा से टिकट मिला है। बाबूलाल गौर ने इसे लेकर आलाकमान पर जबरदस्त दबाव बनाया हुआ था। वह और उनकी बहू नामांकन पत्र तक खरीद चुके थे। आखिर जीत उनकी ही हुई।
बहरहाल, इस सूची के बाद भाई कैलाश विजयवर्गीय और ताई सुमित्रा महाजन के बीच घमासान और तेज होने के आसार हैं। सवाल ये है कि क्या अब मंदार को किसी और जगह से टिकट मिलेगा? अगर नहीं मिला तो ताई यानी सुमित्रा महाजन का क्या रुख रहेगा? यानि टिकटों का एलान भले हो गया है, लेकिन भाजपा के लिए सिरदर्द खत्म नहीं हुआ है।
