चुनाव परिणाम से पहले ही लग गए कमलनाथ के पोस्टर, सीएम दावेदारी पर पूछा सवाल तो दिया ये जवाब
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मंगलवार 11 दिसंबर को मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आने वाले हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही जीत का दावा कर रहे हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से पूछा गया कि यदि राज्य में कांग्रेस जीतती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हम 140 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। कल तक का इंतजार कीजिए उसके बाद सबकुछ साफ हो जाएगा।
Kamal Nath when asked who will be the CM if Congress wins in Madhya Pradesh: We will win more than 140 seats. Wait till tomorrow, everything will be clear by then. pic.twitter.com/vNJt5wY8Hi
— ANI (@ANI) December 10, 2018विज्ञापन
कमलनाथ बेशक मुख्यमंत्री का नाम बताने से बच गए लेकिन उनके समर्थकों ने उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री मान लिया है। इसी वजह से राजधानी भोपाल में उन्हे सीएम बताते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। केनल इतना ही नहीं उनके नेतृत्व में सरकार बनाए जाने को लेकर बधाई दी गई है।
Poster seen outside Madhya Pradesh Congress Committee office in Bhopal. #MadhyaPradeshElections2018 pic.twitter.com/w51FutVuY2
— ANI (@ANI) December 10, 2018
7 दिसंबर को मतदान खत्म होने के बाद सभी राज्यों के एग्जिट पोल आए थे। आठ में से चार एग्जिट पोल में राज्य की सत्ता की चाबी कांग्रेस के हाथ में जाती हुई बताई गई थी। वहीं चार में भाजपा के ही सर्वेसर्वा बने रहने की भविष्यवाणी की गई थी। कल नतीजे आने से तस्वीर साफ हो जाएगी। लेकिन राज्य में दोनों पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।
एग्जिट पोल उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखने पर कुछ नेता इसे गलत तो वहीं कुछ पोल में मिली सीटों से भी अधिक सीटें जीतने का अनुमान लगाते हुए दिखे थे। चुनावी पंडितों की मानें तो प्रदेश की 54 सीटें ऐसी हैं जहां कब्जा करने वाला ही प्रदेश की सत्ता पर काबिज हो सकता है। वहीं कई एग्जिट पोल भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगा रहे हैं।
यदि यह एग्जिट पोल सही साबित हुए तो दोनों ही पार्टियां कहीं न कहीं टिकट बंटवारे की प्रकिया को दोष देंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि टिकट ना मिलने से नाराज दोनों ही पार्टी के बागी नेताओं ने 30 सीटों पर आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ दूसरी पार्टी के टिकट पर या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकी।
दोनों ही पार्टियों ने बागियों को मनाने का प्रयास किया। कांग्रेस की ओर से जहां दिग्विजय सिंह तो भाजपा की ओर से खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन नेताओं को मानने और उम्मीदवारी वापस कराने के लिए मोर्चा संभाला था।
