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सत्ता का सेमीफाइनल: शिवपुरी में पानी सबसे बड़ा मुद्दा, हर बार ठगे जाते हैं वोटर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 12 Nov 2018 05:04 PM IST
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सत्ता का सेमीफाइनल
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मध्यप्रदेश का चुनावी घमासान चरम पर है। यहां 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और तमाम बड़े नेता चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। अमर उजाला आपको बता रहा है मध्य प्रदेश के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा शिवपुरी। संवाददाता वैभव कुमार ने यहां की जनता का मूड जानने की कोशिश की।
अमर उजाला की टीम ने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? जनता के चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? जानिए कि शिवपुरी की जनता इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाली है। बहस में भाजपा मंडल अध्यक्ष भानु दुबे, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अशोक बिंदल, कांग्रेस प्रवक्ता राकेश अमोल, कांग्रेस पार्षद (वार्ड संख्या 9) आकाश शर्मा शामिल हुए।
भाजपा नेताओं ने कहा- सिंधु नदी का पानी शहर के 50 फीसदी हिस्सों में पहुंच चुका है। गर्मियों में भी ग्वालियर बाईपास से सिंधु का पानी शहर में भेजा गया। पानी की नई लाइनें डाली जा रही हैं। मणिगृह में भी लोहे की बड़ी पाइपलाइन डाली जा रही है। हम मानते हैं कि पानी की सही सप्लाई नहीं हुई है। नगर निगम कांग्रेस शासित है और कुछ कमी रही है। वादा करते हैं कि चुनाव के बाद 1 साल के अंदर घर-घर पानी होगा। नाच ना आवे आंगन टेढ़ा, नगर निगम की जिम्मेदारी थी कि लोगों को पानी मिले। नगरपालिका अध्यक्ष कभी भी जनता, मीडिया का सामना नहीं करते। नगरपालिका ने पाइपलाइन में घोटाला किया। नगरपालिका ने सिंधु नदी परियोजना में भी विलंब किया, घपला किया। नगरपालिका ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। जनता से वादा करते हैं कि जो बन पड़ेगा हम करेंगे, आपकी सेवा में रहेगी भाजपा।
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वहीं, कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा- जनता ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है। जब सीएम प्रचार करने आए थे तो सिंधिया जी ने चुनाव हरा दिया था, तभी से सीएम ने ठान लिया था कि शिवपुरी की जनता को पानी नही पिलाना है। शिवराज हर उस काम में अड़ंगा लगा रहे हैं जिससे शिवपुरी की जनता को पानी मिले। सरकार ने ऐसा कोई काम नहीं किया कि यहां के लोगों को पानी मिले। सबसे ज्यादा पार्षद किसके हैं नगरपालिका में? अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाइए ना। सड़क पर उतरिए।
जनता की आवाज
बाजीराम- घर तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
दिनेश- पानी की कमी के लिए नगरपालिका जिम्मेदार है।
दिलीप, छात्र- पानी नहीं आने के लिए नगरपालिका है।
अमित- मेरे घर पानी नहीं पहुंचता, टैंकरों से भी पानी नहीं पहुंचाया जाता।
सोनू राठौर- कमलागंज में मेरे घर पानी पहुंचता है।
विजय, टीचर- हफ्ते में एक-आध दिन पानी पहुंचता है। घर में बदबूदार पानी आता है। ऐसा पानी पीकर हम बीमार पड़ जाते हैं।
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अमर उजाला की टीम ने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? जनता के चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? जानिए कि शिवपुरी की जनता इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाली है। बहस में भाजपा मंडल अध्यक्ष भानु दुबे, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अशोक बिंदल, कांग्रेस प्रवक्ता राकेश अमोल, कांग्रेस पार्षद (वार्ड संख्या 9) आकाश शर्मा शामिल हुए।
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भाजपा नेताओं ने कहा- सिंधु नदी का पानी शहर के 50 फीसदी हिस्सों में पहुंच चुका है। गर्मियों में भी ग्वालियर बाईपास से सिंधु का पानी शहर में भेजा गया। पानी की नई लाइनें डाली जा रही हैं। मणिगृह में भी लोहे की बड़ी पाइपलाइन डाली जा रही है। हम मानते हैं कि पानी की सही सप्लाई नहीं हुई है। नगर निगम कांग्रेस शासित है और कुछ कमी रही है। वादा करते हैं कि चुनाव के बाद 1 साल के अंदर घर-घर पानी होगा। नाच ना आवे आंगन टेढ़ा, नगर निगम की जिम्मेदारी थी कि लोगों को पानी मिले। नगरपालिका अध्यक्ष कभी भी जनता, मीडिया का सामना नहीं करते। नगरपालिका ने पाइपलाइन में घोटाला किया। नगरपालिका ने सिंधु नदी परियोजना में भी विलंब किया, घपला किया। नगरपालिका ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। जनता से वादा करते हैं कि जो बन पड़ेगा हम करेंगे, आपकी सेवा में रहेगी भाजपा।
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वहीं, कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा- जनता ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है। जब सीएम प्रचार करने आए थे तो सिंधिया जी ने चुनाव हरा दिया था, तभी से सीएम ने ठान लिया था कि शिवपुरी की जनता को पानी नही पिलाना है। शिवराज हर उस काम में अड़ंगा लगा रहे हैं जिससे शिवपुरी की जनता को पानी मिले। सरकार ने ऐसा कोई काम नहीं किया कि यहां के लोगों को पानी मिले। सबसे ज्यादा पार्षद किसके हैं नगरपालिका में? अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाइए ना। सड़क पर उतरिए।
जनता की आवाज
बाजीराम- घर तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
दिनेश- पानी की कमी के लिए नगरपालिका जिम्मेदार है।
दिलीप, छात्र- पानी नहीं आने के लिए नगरपालिका है।
अमित- मेरे घर पानी नहीं पहुंचता, टैंकरों से भी पानी नहीं पहुंचाया जाता।
सोनू राठौर- कमलागंज में मेरे घर पानी पहुंचता है।
विजय, टीचर- हफ्ते में एक-आध दिन पानी पहुंचता है। घर में बदबूदार पानी आता है। ऐसा पानी पीकर हम बीमार पड़ जाते हैं।
