मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव: नीमच में नेताओं को खरी-खरी, कहा- वैध नहीं तो वोट नहीं
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
मध्यप्रदेश चुनाव में पार्टियां भले अपनी ताकत झोंक रही हों लेकिन कुछ शहरों में विरोध भी तेजी से पांव पसार रहा है। खबर है राज्य के नीमच जिले से। यहां सात अनाधिकृत कॉलोनियों के निवासियों ने अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं। उनका कहना है कि वह 28 नवंबर को होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे।
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
मध्यप्रदेश चुनाव में पार्टियां भले अपनी ताकत झोंक रही हों लेकिन कुछ शहरों में विरोध भी तेजी से पांव पसार रहा है। खबर है राज्य के नीमच जिले से। यहां सात अनाधिकृत कॉलोनियों के निवासियों ने अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं। उनका कहना है कि वह 28 नवंबर को होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे।
नीमच में घरों के बाहर लगे पोस्टरों पर लिखा है, 'कृपया वोट की अपील कर हमें शर्मिंदा न करें। हम अवैध हैं तो हम वैध रूप से वोट कैसे दे सकते हैं? करीब 25 सालों से हम नरक की स्थिति में रह रहे हैं लेकिन किसी भी राज्य अधिकारी और प्राधिकारी ने कुछ नहीं किया।'
Madhya Pradesh: Residents of 7 unauthorised colonies in Neemuch's Baghana have put posters outside their houses stating they're boycotting elections; say won't let political leaders come there unless their colonies are declared authorised&they're provided basic facilities.(12.11) pic.twitter.com/2VdHGkWQuv
— ANI (@ANI) November 12, 2018
बता दें स्थानीय लोग इलाके में किसी भी राजनेता का प्रचार करने का विरोध कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि जब तक उनकी कॉलोनियों को कानूनी मान्यता और उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक वह न तो वोट देंगे और न ही किसी को प्रचार करने की इजाजत देंगे।
लोगों ने विरोध दर्शाने के लिए घरों के बाहर काले झंडे भी लगाए हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावों के वक्त राजनेता उनके इलाके में आते हैं और सभी तरह के वादे करते हैं, लेकिन कभी उन वादों को पूरा नहीं करते। एक अन्य ग्रामीण का कहना है, "उन्होंने हमारे लिए कुछ भी नहीं किया, हम उन्हें यहां क्यों दोबारा आने दें। हम दूसरे इलाकों से पानी लेकर आते हैं, यहां तक की सीवेज सिस्टम भी ठीक से काम नहीं करता।"
ऐसा केवल नीमच में ही नहीं हो रहा बल्कि नीमच से 50 किमी दूर मंदसौर में भी हो रहा है। यहां सोयाबीन उगाने वाले किसान सरकार से नाराज हैं। बढ़िया फसल होने के बावजूद भी किसान दावा कर रहे हैं कि दाम गिरने के कारण उन्हें घाटा झेलना पड़ रहा है।
जब लोगों ने कहा कि दबाएंगे नोटा का बटन
इससे पहले मध्यप्रदेश के मालवा और ग्वालियर जैसे क्षेत्रों में लोग पोस्टर लगाकर राजनीतिक पार्टियों का विरोध कर चुके हैं। उनके लगाए पोस्टरों पर लिखा था, 'यह घर सामान्य वर्ग का है। कृपया राजनीतिक पर्टियां वोट मांग कर शर्मिंदा न करें। हम अपना वोट सिर्फ नोटा को देंगे।' यह पोस्टर सामान्य वर्ग द्वारा लगाए गए थे। जिनमें लोगों ने उन राजनीतिक पार्टियों का कड़ा विरोध किया जो एससी/एसटी विधेयक के समर्थन में थीं। इस तरह के पोस्टर लोगों ने अपने घरों के बाहर लगाए हुए थे।
