{"_id":"5bea4db3bdec2269385b6fe2","slug":"madhya-pradesh-assembly-election-2018-70-to-80-lakh-youth-will-vote-for-first-time-in-mp","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: युवा ही बांधेंगे जीत का सेहरा, 70-80 लाख युवा पहली बार करेंगे वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: युवा ही बांधेंगे जीत का सेहरा, 70-80 लाख युवा पहली बार करेंगे वोट
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Tue, 13 Nov 2018 09:36 AM IST
विज्ञापन
युवा मतदाता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में युवाओं का रुझान जिस पार्टी की ओर होगा, जीत का सेहरा भी उसी दल के नेता के सिर बंधेगा। प्रदेश में 70-80 लाख युवा ऐसे हैं जो पहली बार अपने क्षेत्र के विधायक को चुनने के लिए मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार मध्यप्रदेश में करीब 1 करोड़, 37 लाख, 83 हजार 383 ऐसे युवा मतदाता हैं जिनकी आयु 20-29 साल के बीच की है। इनमें से 18-19 साल की आयुवर्ग वाले युवाओं की संख्या करीब 23 लाख है। राज्य के मुख्य चुनाव चुनाव अधिकारी जयदीप गोविंद के अनुसार 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कुल 5.66 करोड़ मतदाता अपने मताअधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।
मध्यप्रदेश में भाजपा साल 2003 से लगातार सत्ता पर काबिज है। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 44.88 फीसदी वोट और 165 सीटें मिली थीं। कांग्रेस के हिस्से में 36.38 फीसदी वोट और सिर्फ 58 सीटें आईं। जबकि वोटों के हिसाब से देखें तो 4.66 करोड़ वोटों में से कांग्रेस को कुल 1 करोड़ 23 लाख 15 हजार 253 वोट मिले थे। इसके मुकाबले भाजपा को 1 करोड़ 51 लाख 91 हजार 335 मत प्राप्त हुए थे। राजनीति के जानकारों की मानें तो राज्य में युवा जिधर जाएंगे उस पार्टी का भाग्य बदल जाएगा।
विज्ञापन
राज्य में दो पार्टी मुकाबले में
मध्यप्रदेश में दो प्रमुख राजनीतिक दल हैं, जिनके वोटों का प्रतिशत दहाई अंक का है। कांग्रेस और भाजपा के बाद तीसरे नंबर की पार्टी बसपा है। 2013 के विधानसभा चुनाव में बसपा को कुल 21 लाख 28 हजार 333 वोट मिले थे। बसपा ने चार सीटें जीतने में सफलता पाई थी।
कांग्रेस और भाजपा दोनों का अनुमान है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में किसी तीसरे राजनीतिक दल को कोई खास सफलता हाथ नहीं लगने वाली है। बसपा को इस विधानसभा चुनाव में भी 6-7 प्रतिशत वोट और 3-5 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच में ही रहने की उम्मीद है।
विज्ञापन
चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार मध्यप्रदेश में करीब 1 करोड़, 37 लाख, 83 हजार 383 ऐसे युवा मतदाता हैं जिनकी आयु 20-29 साल के बीच की है। इनमें से 18-19 साल की आयुवर्ग वाले युवाओं की संख्या करीब 23 लाख है। राज्य के मुख्य चुनाव चुनाव अधिकारी जयदीप गोविंद के अनुसार 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कुल 5.66 करोड़ मतदाता अपने मताअधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश में भाजपा साल 2003 से लगातार सत्ता पर काबिज है। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 44.88 फीसदी वोट और 165 सीटें मिली थीं। कांग्रेस के हिस्से में 36.38 फीसदी वोट और सिर्फ 58 सीटें आईं। जबकि वोटों के हिसाब से देखें तो 4.66 करोड़ वोटों में से कांग्रेस को कुल 1 करोड़ 23 लाख 15 हजार 253 वोट मिले थे। इसके मुकाबले भाजपा को 1 करोड़ 51 लाख 91 हजार 335 मत प्राप्त हुए थे। राजनीति के जानकारों की मानें तो राज्य में युवा जिधर जाएंगे उस पार्टी का भाग्य बदल जाएगा।
विज्ञापन
राज्य में दो पार्टी मुकाबले में
मध्यप्रदेश में दो प्रमुख राजनीतिक दल हैं, जिनके वोटों का प्रतिशत दहाई अंक का है। कांग्रेस और भाजपा के बाद तीसरे नंबर की पार्टी बसपा है। 2013 के विधानसभा चुनाव में बसपा को कुल 21 लाख 28 हजार 333 वोट मिले थे। बसपा ने चार सीटें जीतने में सफलता पाई थी।
कांग्रेस और भाजपा दोनों का अनुमान है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में किसी तीसरे राजनीतिक दल को कोई खास सफलता हाथ नहीं लगने वाली है। बसपा को इस विधानसभा चुनाव में भी 6-7 प्रतिशत वोट और 3-5 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच में ही रहने की उम्मीद है।
