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मध्यप्रदेश: एडिशनल एसपी दीपक ठाकुर सस्पेंड, लोकायुक्त में चालान पेश होने पर कार्रवाई
Wed, 10 Nov 2021 03:04 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 10 Nov 2021 03:04 PM IST
सार
मध्यप्रदेश सरकार के गृह विभाग ने लोकायुक्त कोर्ट में चार्जशीट पेश होने के बाद एएसपी दीपक ठाकुर को सस्पेंड कर दिया है।
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दीपक ठाकुर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश के गृह विभाग ने भ्रष्टाचार के एक मामले में एडिशनल एसपी दीपक ठाकुर को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन की अवधि में ठाकुर पुलिस मुख्यालय से अटैच किए गए हैं। दीपक के खिलाफ लोकायुक्त की विशेष अदालत में चालान पेश हुआ है। इस आधार पर उन्हें सस्पेंड किया गया है।
पुणे की रहने वाली गुलशन जौहर की बेटी अमेरिकी कंपनी में काम करती थी। उसने जबलपुर के विक्रम राजपूत को एक कैमरा ढाई लाख रुपए में बेचा था। कैमरे में दिक्कत आने पर विक्रम ने कंपनी में शिकायत की। साइबर सेल में भी शिकायत कर दी थी। साइबर सेल ने पुणे की मां-बेटी के खिलाफ केस दर्ज किया और दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि जेल से बाहर निकालने के लिए मां-बेटी पर साढ़े तीन लाख रुपए की रिश्वत देने का दबाव बनाया जा रहा था।
इस मामले की शिकायत हुई तो डीएसपी साधना सिंह ने जांच की। कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई है। जांच के दौरान पता चला कि दीपक ठाकुर और तीन पुलिसकर्मियों ने जेल से बाहर निकालने के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत मांगी थी। दीपक ठाकुर इस मामले में जमानत पर बाहर हैं।
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पुणे की रहने वाली गुलशन जौहर की बेटी अमेरिकी कंपनी में काम करती थी। उसने जबलपुर के विक्रम राजपूत को एक कैमरा ढाई लाख रुपए में बेचा था। कैमरे में दिक्कत आने पर विक्रम ने कंपनी में शिकायत की। साइबर सेल में भी शिकायत कर दी थी। साइबर सेल ने पुणे की मां-बेटी के खिलाफ केस दर्ज किया और दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि जेल से बाहर निकालने के लिए मां-बेटी पर साढ़े तीन लाख रुपए की रिश्वत देने का दबाव बनाया जा रहा था।
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इस मामले की शिकायत हुई तो डीएसपी साधना सिंह ने जांच की। कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई है। जांच के दौरान पता चला कि दीपक ठाकुर और तीन पुलिसकर्मियों ने जेल से बाहर निकालने के लिए पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत मांगी थी। दीपक ठाकुर इस मामले में जमानत पर बाहर हैं।
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