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Madhya Pradesh: प्रदेश के आपदा संभावित क्षेत्रों में 280 डिजास्टर रिस्पॉस सेंटर बनाए, 96 क्विक रिस्पांस टीम गठित
Mon, 11 Jul 2022 08:44 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 11 Jul 2022 08:44 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के भोपाल समेत कई जिलों में भारी बारिश के चलते इलाकों में पानी घूस गया है। कई इलाकों में दो से तीन फुट पानी भरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इसको देखते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स और होमगार्ड के प्रबंध कार्य की समीक्षा की।
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गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राज्य स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष के कार्यों की समीक्षा की
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के भोपाल समेत कई जिलों में भारी बारिश के चलते इलाकों में पानी घूस गया है। कई इलाकों में दो से तीन फुट पानी भरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। इसको देखते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स और होमगार्ड के प्रबंध कार्य की समीक्षा की।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स और होमगार्ड के प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिये कि जीवन अनमोल है। आपदा की स्थिति में जीवन सुरक्षा के लिये हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ें। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में पूरा सिस्टम बेहतर तरीके से कार्य करना सुनिश्चित करें। लोगों को सही समय पर तत्परता से आवश्यक मदद मिले। आधुनिक टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आपात स्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा में करें। इसके पूर्व उन्होंने होमगार्ड मुख्यालय में स्टेट कमांड सेन्टर का डीजी होमगार्ड पवन कुमार जैन और अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा के साथ अवलोकन किया।
गृह मंत्री डॉ. मिश्रा को अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि डिजास्टर वार्निंग एण्ड रिस्पांस सिस्टम एप के द्वारा प्रदेश में आपदा की स्थिति में जानकारी तत्परता से संकलित की जाकर बेहतर तरीके से राहत के इंतजाम किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में डेम की निगरानी के लिये डेम ऑब्जरवेशन पोस्ट का गठन किया गया है।
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महानिदेशक होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन सेवाएं पवन कुमार जैन ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के आपदा संभावित क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए 280 डिजास्टर रिस्पांस सेन्टर का गठन किया गया है। सभी जिला होमगार्ड मुख्यालयों सहित प्रदेश में कुल 96 क्विक रिस्पांस टीम गठित की गई हैं। इसके अतिरिक्त 19 रिजर्व टीमें भी रखी गई हैं। इनमें जबलपुर और भोपाल में 5-5, इंदौर, ग्वालियर में 2-2, उज्जैन, रीवा, सागर, शहडोल और नर्मदापुरम में एक-एक रिजर्व टीम रखी गई है। सभी जिला मुख्यालयों पर इमरजेंसी आपरेशन सेन्टर स्थापित भी किये गये हैं।
बाढ़ और बचाव के लिये 276 रेस्क्यू बोट, 98 इंफ्लाटेबल रबर बोट, 231 आउट बोट मोटर 3218 लाइफ बॉय रिंग और 6130 लाइफ जैकेट का बंदोबस्त किया गया है। संभागीय एवं जिला स्तर पर ड्रोन सेवा प्रदाता एजेंसियों से ड्रोन की सेवाएं लेने के निर्देश दिये गये हैं। बैठक में एडीजी अशोक अवस्थी, डी.पी. गुप्ता, डीआईजी होमगार्ड देवेन्द्र विजयवत और ऊषा डामोर एवं अधिकारी उपस्थित थे।
आपदाओं से निपटने के लिये राज्य स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष में 8-8 घंटों की 3 शिफ्ट में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश स्तर से दो टोल फ्री नंबर 1070 और 1079 जारी किये गये हैं, जिन पर आपदा की स्थिति में सूचना दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त 7648861040, 7648861050, 7648861060 और 7648861080 पर भी सूचना दी जा सकती है।
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गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स और होमगार्ड के प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिये कि जीवन अनमोल है। आपदा की स्थिति में जीवन सुरक्षा के लिये हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ें। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में पूरा सिस्टम बेहतर तरीके से कार्य करना सुनिश्चित करें। लोगों को सही समय पर तत्परता से आवश्यक मदद मिले। आधुनिक टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आपात स्थिति में लोगों की जान-माल की सुरक्षा में करें। इसके पूर्व उन्होंने होमगार्ड मुख्यालय में स्टेट कमांड सेन्टर का डीजी होमगार्ड पवन कुमार जैन और अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा के साथ अवलोकन किया।
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गृह मंत्री डॉ. मिश्रा को अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि डिजास्टर वार्निंग एण्ड रिस्पांस सिस्टम एप के द्वारा प्रदेश में आपदा की स्थिति में जानकारी तत्परता से संकलित की जाकर बेहतर तरीके से राहत के इंतजाम किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में डेम की निगरानी के लिये डेम ऑब्जरवेशन पोस्ट का गठन किया गया है।
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महानिदेशक होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन सेवाएं पवन कुमार जैन ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के आपदा संभावित क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए 280 डिजास्टर रिस्पांस सेन्टर का गठन किया गया है। सभी जिला होमगार्ड मुख्यालयों सहित प्रदेश में कुल 96 क्विक रिस्पांस टीम गठित की गई हैं। इसके अतिरिक्त 19 रिजर्व टीमें भी रखी गई हैं। इनमें जबलपुर और भोपाल में 5-5, इंदौर, ग्वालियर में 2-2, उज्जैन, रीवा, सागर, शहडोल और नर्मदापुरम में एक-एक रिजर्व टीम रखी गई है। सभी जिला मुख्यालयों पर इमरजेंसी आपरेशन सेन्टर स्थापित भी किये गये हैं।
बाढ़ और बचाव के लिये 276 रेस्क्यू बोट, 98 इंफ्लाटेबल रबर बोट, 231 आउट बोट मोटर 3218 लाइफ बॉय रिंग और 6130 लाइफ जैकेट का बंदोबस्त किया गया है। संभागीय एवं जिला स्तर पर ड्रोन सेवा प्रदाता एजेंसियों से ड्रोन की सेवाएं लेने के निर्देश दिये गये हैं। बैठक में एडीजी अशोक अवस्थी, डी.पी. गुप्ता, डीआईजी होमगार्ड देवेन्द्र विजयवत और ऊषा डामोर एवं अधिकारी उपस्थित थे।
आपदाओं से निपटने के लिये राज्य स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष में 8-8 घंटों की 3 शिफ्ट में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश स्तर से दो टोल फ्री नंबर 1070 और 1079 जारी किये गये हैं, जिन पर आपदा की स्थिति में सूचना दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त 7648861040, 7648861050, 7648861060 और 7648861080 पर भी सूचना दी जा सकती है।
