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मध्यप्रदेश: सत्ता में आते ही मंदसौर किसान गोलीकांड और सिंहस्थ घोटाले पर कांग्रेस का यू-टर्न
Tue, 19 Feb 2019 09:34 AM IST
अनिल पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अनिल पांडेय
Updated Tue, 19 Feb 2019 09:34 AM IST
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मंदसौर गोलीकांड
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मध्यप्रदेश की पूर्व शिवराज सरकार को मंदसौर गोलीकांड में किसानों की मौत के मुद्दे पर घेरने वाली कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आते ही सुर बदल गए हैं। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के गृह मंत्री बाला बच्चन ने सोमवार को कहा कि मंदसौर में किसानों पर गोली कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आत्मरक्षा में चलाई गई थी।
बाला बच्चन ने विधानसभा में सोमवार को विधायक हर्ष विजय गहलोत के सवाल के लिखित जवाब में कहा कि मंदसौर के पिपलिया मंडी थाना में 6 जून 2017 को हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आत्मरक्षा और सरकारी व निजी संपत्ति की सुरक्षा के लिए गोली चलाई गई थी।
एसडीएम श्रवण भंडारी ने आत्मरक्षा और शासकीय संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए पिपल्यामंडी के महू-नीमच हाईवे रोड बही चौपाटी पर पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कार्रवाई की। इस घटना की जांच रिटायर्ड जस्टिस जेके जैन को सौंपी गई थी। उनकी जांच रिपोर्ट पर परीक्षण के बाद कार्यवाही की जाएगी।
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बता दें कि पिपल्यामंडी में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस के गोली चलाने से छह किसानों की मौत हो गई थी।
बीते विधानसभा चुनावों में कांग्रेस नेताओं ने सिंहस्थ घोटाले के मुद्दे को बहुत जोर-शोर से उठाया था। कांग्रेस ने जनता से वादा किया था कि सरकार में आने पर इसकी जांच कराई जाएगी। यहां तक कि विपक्ष में रहते हुए भी कांग्रेस ने विधायकों की एक जांच कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने भी सिंहस्थ में कई घोटाले गिनाए थे।
सरकार के इस यूटर्न के मीडिया में छाते ही गृहमंत्री बाला बच्चन ने एक ट्वीट के जरिये यह स्पष्ट किया कि न्यायिक जांच रिपोर्ट का परीक्षण करवाया जा रहा है।
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बाला बच्चन ने विधानसभा में सोमवार को विधायक हर्ष विजय गहलोत के सवाल के लिखित जवाब में कहा कि मंदसौर के पिपलिया मंडी थाना में 6 जून 2017 को हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आत्मरक्षा और सरकारी व निजी संपत्ति की सुरक्षा के लिए गोली चलाई गई थी।
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एसडीएम श्रवण भंडारी ने आत्मरक्षा और शासकीय संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए पिपल्यामंडी के महू-नीमच हाईवे रोड बही चौपाटी पर पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह कार्रवाई की। इस घटना की जांच रिटायर्ड जस्टिस जेके जैन को सौंपी गई थी। उनकी जांच रिपोर्ट पर परीक्षण के बाद कार्यवाही की जाएगी।
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बता दें कि पिपल्यामंडी में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस के गोली चलाने से छह किसानों की मौत हो गई थी।
गोलीकांड पर राहुल गांधी ने क्या कहा था
मंदसौर गोलीकांड के वक्त कांग्रेस प्रदेश में विपक्ष में थी। गोलीकांड की पहली बरसी पर मंदसौर में हुई सभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, "प्रदेश की सरकार ने किसानों पर आक्रमण किया, गोली चलाई, किसानों को मारा।" मंदसौर गोलीकांड के बाद कांग्रेस ने पूरे देश में इसे मुद्दा बनाया था।सिंहस्थ घोटाले की जांच भी नहीं होगी
प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सिंहस्थ घोटाले की जांच नहीं कराने का फैसला लिया है। कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने विधानसभा में सवाल पूछा कि क्या राज्य सरकार सिंहस्थ 2016 में हुई आर्थिक अनियमितताओं की जांच करने वाली है। इस पर नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने लिखित जवाब में जांच से इनकार किया है।बीते विधानसभा चुनावों में कांग्रेस नेताओं ने सिंहस्थ घोटाले के मुद्दे को बहुत जोर-शोर से उठाया था। कांग्रेस ने जनता से वादा किया था कि सरकार में आने पर इसकी जांच कराई जाएगी। यहां तक कि विपक्ष में रहते हुए भी कांग्रेस ने विधायकों की एक जांच कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने भी सिंहस्थ में कई घोटाले गिनाए थे।
सरकार के इस यूटर्न के मीडिया में छाते ही गृहमंत्री बाला बच्चन ने एक ट्वीट के जरिये यह स्पष्ट किया कि न्यायिक जांच रिपोर्ट का परीक्षण करवाया जा रहा है।
मंदसौर में किसानों पर हुए गोली कांड की न्यायिक जांच रिपोर्ट का हम परीक्षण करवा रहे हैं,हम जांच से संतुष्ट नहीं हुए तो पुनः उच्चस्तरीय जांच करवाएंगे। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है - गृहमंत्री
— Home Department, MP (@mohdept) February 19, 2019
