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Kuno National Park: अफ्रीकन चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ने पर फिर संशय, टास्कफोर्स की बैठक में नहीं हो सका फैसला
Fri, 28 Oct 2022 11:33 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 28 Oct 2022 11:33 AM IST
सार
बाड़े का इंटरनल फेंसिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा नहीं हुआ है, कई जगह तार निकल रहे हैं, जिन्हें ठीक किए जाने का सुझाव दिया गया है। अभी चीतों को छोटे बाड़ों में क्वॉरेंटाइन किया गया है।
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नामीबियाई चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ने पर संशय
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में सेपरेट बाड़े में बंद चीतों को भारत आए करीब 40 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी इन्हें बड़े बाड़े में नहीं छोड़ा जा सका है। इसको लेकर चीता टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई, लेकिन बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। दरअसल बड़े बाड़े में कमी होने की वजह से चीतों को रिलीज करने पर सहमति नहीं बन सकी। आज शुक्रवार को कूनो नेशनल पार्क में विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे और बड़े बाड़े का निरीक्षण करेंगे।
इधर नामीबिया एक्सपर्ट वोल्ट ने इसको लेकर आपत्ति जताई है। बाड़े का इंटरनल फेंसिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा नहीं हुआ है, कई जगह तार निकल रहे हैं, जिन्हें ठीक किए जाने का सुझाव दिया गया है। अभी चीतों को छोटे बाड़ों में क्वॉरेंटाइन किया गया है। 30 की बजाए 40 दिन का समय पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक चीतों को बड़े बाड़ें में शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने 72वें जन्मदिन पर नामीबिया से आए आठ चीतों को मध्यप्रदेश के श्योपुर में कूनो नेशनल पार्क के एनक्लोजर में छोड़ा था। बता दें कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान और अन्य उपयुक्त निर्दिष्ट क्षेत्रों में चीतों की निगरानी के लिए नौ सदस्यीय कार्यबल का गठन किया था। यह कार्य बल चीतों की प्रगति की समीक्षा करेगा और उनके अनुकूलन एवं स्वास्थ्य की स्थिति की निगरानी करेगा। साथ ही यह पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास पर सुझाव और सलाह भी देगा। पिछले महीने अपने मासिक रेडियो प्रसारण 'मन की बात' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कार्यबल तय करेगा कि लोग राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को कब देख सकते हैं।
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इधर नामीबिया एक्सपर्ट वोल्ट ने इसको लेकर आपत्ति जताई है। बाड़े का इंटरनल फेंसिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा नहीं हुआ है, कई जगह तार निकल रहे हैं, जिन्हें ठीक किए जाने का सुझाव दिया गया है। अभी चीतों को छोटे बाड़ों में क्वॉरेंटाइन किया गया है। 30 की बजाए 40 दिन का समय पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक चीतों को बड़े बाड़ें में शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
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पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने 72वें जन्मदिन पर नामीबिया से आए आठ चीतों को मध्यप्रदेश के श्योपुर में कूनो नेशनल पार्क के एनक्लोजर में छोड़ा था। बता दें कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान और अन्य उपयुक्त निर्दिष्ट क्षेत्रों में चीतों की निगरानी के लिए नौ सदस्यीय कार्यबल का गठन किया था। यह कार्य बल चीतों की प्रगति की समीक्षा करेगा और उनके अनुकूलन एवं स्वास्थ्य की स्थिति की निगरानी करेगा। साथ ही यह पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास पर सुझाव और सलाह भी देगा। पिछले महीने अपने मासिक रेडियो प्रसारण 'मन की बात' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कार्यबल तय करेगा कि लोग राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को कब देख सकते हैं।
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