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Khargone News: जलमग्न शिवलिंग का सालाना अभिषेक, नन्हेश्वर धाम में दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Wed, 07 Jan 2026 09:21 PM IST
खरगोन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन Published by: खरगोन ब्यूरो Updated Wed, 07 Jan 2026 09:21 PM IST
सार

नन्हेश्वर धाम में बुधवार को शिव भक्तों का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। जल मंदिर में हाटकेश्वर महादेव के पंचामृत अभिषेक और दर्शन के लिए अलसुबह से ही लंबी कतारें लग गईं और पूरा परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

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Khargone News: Devotees throng Nanheswar Dham for annual abhishek of water-immersed Shivling
हाटकेश्वर महादेव के दर्शन करने उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर से 25 किमी दूर महर्षि मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि नन्हेश्वर धाम एक बार फिर आस्था के रंग में रंगी नजर आई। बुधवार को जल मंदिर में विराजमान श्री हाटकेश्वर महादेव के दर्शन एवं पंचामृत अभिषेक के अवसर पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

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धाम के संत हरिओम बाबा ने बताया कि 7 जनवरी को शिवलिंग का विधिपूर्वक पंचामृत अभिषेक संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर भक्तों ने भगवान हाटकेश्वर से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। नन्हेश्वर धाम क्षेत्र का एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां मध्यप्रदेश सहित आसपास के राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंचते हैं। बुधवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
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मंदिर समिति के अनुसार हाटकेश्वर महादेव का शिवलिंग विशिष्ट धार्मिक महत्व रखता है। यह प्राकृतिक रूप से निर्मित शिवलिंग है, जिसमें निरंतर जलधारा प्रवाहित होती रहती है। इसी विशेषता के कारण यह स्थान जल मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। आयोजन के दौरान दर्शन व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और स्वयंसेवकों ने अनुशासन के साथ भीड़ प्रबंधन संभाला, जिससे भक्तों को शांतिपूर्ण दर्शन का अवसर मिला।

मंदिर समिति ने बताया कि हाटकेश्वर महादेव का वार्षिक पंचामृत अभिषेक वर्ष 1994 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि पहुंचते हैं। मान्यता है कि जल के मध्य विराजमान यह शिवलिंग अत्यंत दुर्लभ और अलौकिक है, जिसके दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।


7 जनवरी को नन्हेश्वर धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। सुबह 10 बजे भंडारे का आयोजन हुआ, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। भंडारे की व्यवस्थाएं ग्राम भग्यापुर, भगवानपुरा एवं आसपास के ग्रामीणों ने सेवा भाव से संभालीं। आयोजन के दौरान भगवानपुरा पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा।

नन्हेश्वर धाम के नवनिर्माण के बाद यहां पहुंचना अब पहले से कहीं अधिक सहज हो गया है। श्रद्धालुओं के लिए दोनों दिशाओं से सुगम मार्ग उपलब्ध हैं। पुल निर्माण के बाद आवागमन में उल्लेखनीय सुविधा मिली है। दर्शन उपरांत श्रद्धालु पुल की शिल्पकला और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते दिखाई दिए।
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