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खरगोन उपद्रव: रामनवमी की हिंसा में पहली मौत, इंदौर में मिली लापता युवक की लाश, कर्फ्यू में 2 घंटे की ढील
Mon, 18 Apr 2022 04:07 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 18 Apr 2022 04:07 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर हुई हिंसा में पहली मौत हुई है। 10 अप्रैल से लापता एक युवक इब्रीस का शव घटना के 7 दिन बाद इंदौर के एक हॉस्पिटल से मिला है। युवक घटना वाले दिन से लापता था।
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मृतक इब्रीस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
खरगोन से रामनवमी के दिन लापता हुए एक युवक का शव इंदौर से मिला है। इस मामले में मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से चर्चा में मामले की जानकारी देते हुए कहा कि 10 अप्रैल को एक शव मिला था। 11 तारीख को शव का पीएम किया गया था। पीएम रिपोर्ट के आधार पर 302 का प्रकरण दर्ज किया गया था। उसकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी और उस समय कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट भी नहीं थी, 14 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट इब्रीस के नाम से परिवार वालों ने की थी। जिसके बाद परिजनों से शव की शिनाख्त कराई गई। परिवार वालों ने शव की शिनाख्त इब्रीस के रूप में की और उसके बाद उन्हें बॉडी सौंप दी गई। मृतक का अंतिम संस्कार हो चुका है। फिलहाल पूरा प्रकरण जांच में लिया गया है।
वहीं, मृतक के भाई इकलाख खान का कहना है कि 'रामनवमी के दिन इब्रीस रोजेदारों को शाम 7:30 बजे इफ्तारी देने गया था। पत्थरबाजी में कुछ हिन्दू समाज के लोगों ने मेरे भाई को पत्थरों, औजारों, लट्ठ लाठियों से बहुत मारा। पुलिस उसे सबके सामने गिरफ्तार कर के ले गई। पुलिस ने भी उसे बहुत मारा। पुलिस प्रशासन ने एकतरफा फैसला किया और 8 दिन तक कुछ भी नहीं बताया। हमने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने नहीं बताया कि बच्चा हमारी कस्टडी में है। बाद में एक जवान जानकारी लेने आया तो मैंने उसे जानकारी दी, मैंने उसे बयान दिया तो उसने कहा कि मुझे बयान नहीं चाहिए। कहा कि टीआई साहब से जाकर बात करना मैं नाम, पता लिखने आया हूं, जिसके बाद मैंने कहा कि आज रविवार है मैं मीडिया नहीं बुला पाया हूं सोमवार को मीडिया बुलाउंगा, तो उसने तुंरत 5 मिनट में डेडबॉडी बता दी और कहा कि इंदौर चले जाओ। पांच मिनट में थाने आओ नहीं तो हम लेने आ रहे हैं।
मीडिया की धमकी देने पर बताया डेडबॉडी कहां है
मृतक के भाई ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीडिया की धमकी देने के बाद पुलिस प्रशासन ने 5 मिनट के भीतर बता दिया कि मेरे भाई की डेडबॉडी कहां हैं। वरना, 8 दिन से हम उसे ढूंढ रहे थे। किसी ने कुछ नहीं बताया, न ही उसके बारे में कोई सुराग दिया। प्रशासन ने भी यह नहीं बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रहे हो तो इब्रीस हमारी हिरासत में है। 12 तारीख को बहुत सारे लोगों ने उसे थाने में देखा भी। उसके सिर में पट्टा बंधा था। उसके सिर से खून नहीं रुक रहा था। इन लोगों ने उसे अंडरग्राउंड रखा।
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रामनवमी पर उपद्रव के बाद से लापता था इब्रीस
जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल रामनवमी के दिन जिले में हुए उपद्रव के बाद से इब्रीस नाम का शख्स लापता था। हाल ही में पुलिस को युवक का शव इंदौर के इस्लामपुरा इलाके के एक अस्पताल से मिला है। खरगोन में रामनवमी पर शोभायात्रा के दौरान पथराव और आगजनी की घटना के बाद मची भगदड़ के बाद से युवक लापता था। उसके परिजनों ने घटना के चार दिन बाद 14 अप्रैल को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
खरगोन के दौरे पर रहेंगे मंत्री कमल पटेल
जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल सोमवार और मंगलवार को खरगोन जिले के दौरे पर रहेंगे। मंत्री शाम 5 बजे खरगोन पहुंचकर कानून व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में चर्चा करेंगे। वहीं हिंसा के बाद शहर में सुरक्षा के लिहाज से एक और थाना बनाने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। तीन पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी।
कर्फ्यू में 2 घंटे की ढील
सोमवार को प्रशासन ने जिले के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू में दो घंटे की ढील दी। लोगों को दोपहर 12 से 2 बजे तक घरों से निकलने की इजाजत दी गई थी। बता दें खरगोन में 10 अप्रैल को उपद्रव के बाद से कर्फ्यू लगाया गया है। इसके चार दिन बाद 14 अप्रैल को सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पहली बार सिर्फ महिलाओं को सुबह 10 से दोपहर 12 और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक बिना वाहन के छूट दी गई थी। किसी तरह की अप्रिय घटना न होने पर प्रशासन ने अगले दिन 15 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक महिलाओं और पुरुषों दोनों को बिना वाहन के घरों से निकलने की छूट दी थी। शनिवार को तीसरे दिन 2-2 घंटे की छूट दी गई। रविवार को 4 और 2 घंटे की छूट रही। खरगोन उपद्रव में पहली मौत होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू में ढील देने का समय घटा दिया है।
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वहीं, मृतक के भाई इकलाख खान का कहना है कि 'रामनवमी के दिन इब्रीस रोजेदारों को शाम 7:30 बजे इफ्तारी देने गया था। पत्थरबाजी में कुछ हिन्दू समाज के लोगों ने मेरे भाई को पत्थरों, औजारों, लट्ठ लाठियों से बहुत मारा। पुलिस उसे सबके सामने गिरफ्तार कर के ले गई। पुलिस ने भी उसे बहुत मारा। पुलिस प्रशासन ने एकतरफा फैसला किया और 8 दिन तक कुछ भी नहीं बताया। हमने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने नहीं बताया कि बच्चा हमारी कस्टडी में है। बाद में एक जवान जानकारी लेने आया तो मैंने उसे जानकारी दी, मैंने उसे बयान दिया तो उसने कहा कि मुझे बयान नहीं चाहिए। कहा कि टीआई साहब से जाकर बात करना मैं नाम, पता लिखने आया हूं, जिसके बाद मैंने कहा कि आज रविवार है मैं मीडिया नहीं बुला पाया हूं सोमवार को मीडिया बुलाउंगा, तो उसने तुंरत 5 मिनट में डेडबॉडी बता दी और कहा कि इंदौर चले जाओ। पांच मिनट में थाने आओ नहीं तो हम लेने आ रहे हैं।
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मीडिया की धमकी देने पर बताया डेडबॉडी कहां है
मृतक के भाई ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीडिया की धमकी देने के बाद पुलिस प्रशासन ने 5 मिनट के भीतर बता दिया कि मेरे भाई की डेडबॉडी कहां हैं। वरना, 8 दिन से हम उसे ढूंढ रहे थे। किसी ने कुछ नहीं बताया, न ही उसके बारे में कोई सुराग दिया। प्रशासन ने भी यह नहीं बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रहे हो तो इब्रीस हमारी हिरासत में है। 12 तारीख को बहुत सारे लोगों ने उसे थाने में देखा भी। उसके सिर में पट्टा बंधा था। उसके सिर से खून नहीं रुक रहा था। इन लोगों ने उसे अंडरग्राउंड रखा।
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रामनवमी पर उपद्रव के बाद से लापता था इब्रीस
जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल रामनवमी के दिन जिले में हुए उपद्रव के बाद से इब्रीस नाम का शख्स लापता था। हाल ही में पुलिस को युवक का शव इंदौर के इस्लामपुरा इलाके के एक अस्पताल से मिला है। खरगोन में रामनवमी पर शोभायात्रा के दौरान पथराव और आगजनी की घटना के बाद मची भगदड़ के बाद से युवक लापता था। उसके परिजनों ने घटना के चार दिन बाद 14 अप्रैल को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
खरगोन के दौरे पर रहेंगे मंत्री कमल पटेल
जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल सोमवार और मंगलवार को खरगोन जिले के दौरे पर रहेंगे। मंत्री शाम 5 बजे खरगोन पहुंचकर कानून व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में चर्चा करेंगे। वहीं हिंसा के बाद शहर में सुरक्षा के लिहाज से एक और थाना बनाने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। तीन पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी।
कर्फ्यू में 2 घंटे की ढील
सोमवार को प्रशासन ने जिले के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू में दो घंटे की ढील दी। लोगों को दोपहर 12 से 2 बजे तक घरों से निकलने की इजाजत दी गई थी। बता दें खरगोन में 10 अप्रैल को उपद्रव के बाद से कर्फ्यू लगाया गया है। इसके चार दिन बाद 14 अप्रैल को सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पहली बार सिर्फ महिलाओं को सुबह 10 से दोपहर 12 और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक बिना वाहन के छूट दी गई थी। किसी तरह की अप्रिय घटना न होने पर प्रशासन ने अगले दिन 15 अप्रैल को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक महिलाओं और पुरुषों दोनों को बिना वाहन के घरों से निकलने की छूट दी थी। शनिवार को तीसरे दिन 2-2 घंटे की छूट दी गई। रविवार को 4 और 2 घंटे की छूट रही। खरगोन उपद्रव में पहली मौत होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू में ढील देने का समय घटा दिया है।
