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Rain In Khandwa: तेज बारिश अब बन रही आफत, फसलें हुई बर्बाद, जनजीवन हो रहा अस्त-व्यस्त, किसानों के निकले आंसू
Fri, 27 Sep 2024 03:57 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 27 Sep 2024 03:57 PM IST
सार
खंडवा जिले में हुई बारिश से शहर के कुछ क्षेत्रों में पानी भर गया। दरअसल, नगर में चोक हो रहे नाले और नालियों का पानी सड़क पर आ गया, जिससे कई वार्डों में तालाबनुमा स्थिति बन गई।
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बारिश के दौरान की स्थिति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में इन दिनों जारी तेज बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ है। प्रदेश के खंडवा जिले में तो बारिश का बीते बीस साल का रिकार्ड टूट गया है। क्योंकि इस बार मानसूनी मौसम में जितना पानी नहीं बरसा, उतना पिछले चार दिनों से रोजाना हो रही मूसलाधार बारिश में गिरा है। गुरुवार को भी दोपहर बाद खंडवा में भारी बारिश हुई। इस दौरान करीब ढाई इंच यानी 60 मिमी पानी एक ही दिन में बरस गया। इस दौरान बिजली गिरने से फिर से एक मौत होने की घटना भी हुई। वहीं, बुधवार को भी इससे दो लोगों की मौत हो चुकी थी।
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इधर, खंडवा जिले में हुई बारिश से शहर के कुछ क्षेत्रों में पानी भर गया। दरअसल, नगर में चोक हो रहे नाले और नालियों का पानी सड़क पर आ गया, जिससे कई वार्डों में तालाबनुमा स्थिति बन गई, जिसके बाद जलभराव से जलमग्न हो चुकी सड़कों पर लोग गाड़ियां निकालते दिखे। हालांकि, इतनी बारिश के बावजूद दोपहर तक तेज धूप से उमस की स्थिति भी बनी रही। बता दें कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 30.1 एवं न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
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वहीं, निचली बस्तियों में यह बारिश आफत बनकर उभरी है। जलभराव होने से निचले इलाकों में रहने वाले आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के सामने तेज बारिश से स्वीमिंग पुल जैसा नजारा भी दिखाई दिया। वहीं, नालों का गंदा पानी व मलबा सड़कों पर पसर गया।
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पिछले साल अब तक थम चुकी थी बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय मुंबई-पूना की तरफ से हवाएं बादलों को घेरकर ले आई हैं। इधर, खंडवा जिले की बात करें तो खंडवा शहर व आसपास में दोपहर बाद करीब ढाई इंच पानी गिरा है। इस दौरान जिले के पंधाना ब्लॉक में सबसे कम बारिश गुरुवार को हुई। इधर, हरसूद और खालवा क्षेत्र में भी अच्छी बारिश हुई है।
हालांकि, पिछले साल आज के दिन जिले में कहीं भी बारिश नहीं हुई थी। वहीं, अभी तक जिले में रिकॉर्ड बारिश के आकड़े आ रहे हैं, जिसमें खंडवा में 1021, नया हरसूद में 935, पंधाना में 752, पुनासा में 862, खालवा में अब तक 838 मिमी बारिश हो चुकी है। पिछले साल इन सभी क्षेत्रों में अब तक इतनी बारिश नहीं हुई थी। खंडवा में तो केवल 947 मिमी ही बरिश हो पाई थी। यही नहीं, मौसमविद तो अभी और भी बारिश के संकेत बता रहे हैं। वहीं, खंडवा में बारिश देर रात तक भी जारी है।
अतिवर्षा से फसलें हुईं खराब
बताया जा रहा है कि मुंबई के समुद्र की तरफ से हवा में उड़कर आए बादलों ने खंडवा जिले में भी खूब कहर बरपाया है। इस दौरान किसानों ने बताया कि सोयाबीन की खड़ी फसल में लगी फल्लियों में ही अंकुरण होने लगा है। इधर, अतिवर्षा से कपास का रंग भी बदला है, जिससे कपास की क्वॉलिटी खराब हो गई है। वहीं, उड़द व मूंग का तो लगभग नहीं के बराबर उत्पादन हुआ है। अतिवर्षा के बाद बने खेतों के हालात देखकर किसानों की सांसें ऊपर-नीचे हो रही हैं।
सोयाबीन और कपास सड़ने लगा है तो खेतों में पानी जमा हो रहा है। गांवों में कीचड़ से मच्छर पनप रहे हैं। लोगों को बीमारियां हो रही हैं। इसके अलावा एक नई परेशानी अनाजमंडी में देखने को मिली। जहां व्यापारियों ने मक्का व अन्य उपज खरीदकर सुखाई थी। दोपहर में अचानक मानसून बना और तेज बारिश से मक्का बहने लगी। वहां खड़ा व्यापारी ये हालात देखकर कंप-कंपा गया। कुछ किसानों के भी नुकसान की खबर है। हम्माल भी दर्जनों की संख्या में मक्का समेटने दौड़े, लेकिन काफी मात्रा में मक्का बह गई।
