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Omkareshwar News: बारिश के बाद दो स्वरूपों में दिखीं मां नर्मदा, एकाएक अप्रत्याशित रूप से बढ़ा जलस्तर
Fri, 27 Jun 2025 04:05 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 27 Jun 2025 04:05 PM IST
सार
मोरटक्का, बड़वाह, खेड़ी घाट और नावघाटखेड़ी क्षेत्रों में नदी दो अलग स्वरूपों में दिखाई दी एक ओर मठ-मेला और कीचड़ मिश्रित पानी, तो दूसरी ओर स्वच्छ और पारदर्शी जल। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी है।
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मां नर्मदा के दो स्वरूप।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नर्मदा नदी के जलस्तर में गुरुवार की बारिश के बाद अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी देखी गई। क्षेत्र में स्थित छोटी-बड़ी नदियों और नालों का पानी जब नर्मदा में आकर मिला, तो मां नर्मदा का प्रवाह पहले से कहीं अधिक तेज़ और विस्तृत दिखाई दिया। ओंकारेश्वर बांध से निरंतर बिजली उत्पादन किए जाने के बावजूद जलस्तर को नियंत्रण किया जा रहा है।
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2025 में यह पहली बार है जब नर्मदा नदी का जलस्तर इतना अधिक बढ़ा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में पूर्वी और पश्चिमी निर्माण क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है।
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दो रूपों में प्रकट हुई मां नर्मदा
बारिश के बाद नर्मदा नदी के जल में एक अद्भुत दृश्य दिखाई दे रहा है। ओंकारेश्वर से निकलने वाले पश्चिमी हिस्से मोरटक्का, बड़वाह, खेड़ी घाट और नावघाटखेड़ी में नर्मदा नदी दो भिन्न स्वरूपों में बहती नज़र आई। नदी के एक छोर का जल मठ-मेला और कीचड़ युक्त दिखाई दिया, जो ऊपरी नालों, नदियों और बहाव से आया हुआ गंदा पानी था। वहीं दूसरी ओर का जल अपेक्षाकृत स्वच्छ और पारदर्शी दिखाई दिया, जो बांध से नियंत्रित प्रवाह के कारण संभव हुआ। यह दृश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए एक अद्वितीय प्राकृतिक अनुभव रहा।
प्रशासन सतर्क
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ओंकारेश्वर और आसपास के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और नाव संचालन पर भी नियंत्रण रखा जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे नदी के अधिक प्रवाह वाले क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।
