फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Khandwa News ›   MP Election: BJP MP Gyaneswar Patil says Congressmen didnt believe in Ram; now they going temple to temple

MP Election 2023: BJP सांसद बोले- कांग्रेसी नहीं मानते थे श्री राम को;प्रमाण मांगने वाले अब जा रहे मंदिर-मंदिर

Fri, 27 Oct 2023 09:55 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 27 Oct 2023 09:55 PM IST
सार

MP Assembly Election 2023: खंडवा की पंधाना विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी छाया मोरे ने शुक्रवार दोपहर अपना नामांकन फॉर्म जमा किया। नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद पाटिल ने आसपास के क्षेत्रों में बीजेपी के टिकट वितरण के बाद कार्यकर्ताओं के बगावत करने सहित कई मुद्दों पर खुलकर बात की। इसी दौरान भाजपा सांसद ने कांग्रेस पर निशाना साधा।

विज्ञापन
MP Election: BJP MP Gyaneswar Patil says Congressmen didnt believe in Ram; now they going temple to temple
मीडिया से मुखातिब होते खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में अब राम मंदिर का मुद्दा गरमाता जा रहा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ के राम मंदिर को लेकर दिए बयान के बाद अब भाजपा भी इस पर पलटवार करती दिख रही है। प्रदेश की खंडवा लोकसभा सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कमलनाथ के इस बयान पर कहा कि कांग्रेस को अब भगवान राम और हनुमान जी याद आ रहे हैं। कांग्रेस के लोग अब मंदिर-मंदिर जा रहे हैं, भगवान को पूज रहे हैं। जबकि प्रभु श्रीराम के प्रमाण मांगने वाले भी तो यही लोग हैं कि राम सेतू कहां था। कम से कम इनको यह सद्बुद्धि तो आ गई है। दरअसल, सांसद पाटिल जिले की पंधाना विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी छाया मोरे का नामांकन फॉर्म जमा करवाने शुक्रवार दोपहर पंधाना पहुंचे थे। जहां उन्होंने यह बयान दिया।

विज्ञापन


खंडवा की पंधाना विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी छाया मोरे ने शुक्रवार दोपहर अपना नामांकन फॉर्म जमा किया। इस दौरान उनके साथ खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल सहित कुछेक कार्यकर्ता ही मौजूद रहे। नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद पाटिल ने आसपास के क्षेत्रों में बीजेपी के टिकट वितरण के बाद कार्यकर्ताओं के बगावत करने सहित कई मुद्दों पर खुलकर बात की।
विज्ञापन


‘कांग्रेस को सद्बुद्धि तो आ गई’
ज्ञानेश्वर पाटिल ने पूर्व सीएम कमलनाथ को भगवान राम को नहीं मानने वाला बताया। साथ ही उनके राम मंदिर पर दिए बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कम से कम कांग्रेस को सद्बुद्धि तो आ गई। ये बहुत अच्छी बात है। दरअसल, अयोध्या में श्री राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह होना है। इसी बीच प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने राम मंदिर को लेकर बयान दिया और कहा कि राम मंदिर भाजपा का मंदिर नहीं है, यह हमारे देश का मंदिर है। ये तो ऐसे राम मंदिर की बात कर रहे हैं कि जैसे ये बीजेपी का मंदिर हो। राम मंदिर हमारे देश का मंदिर है और ये हमारे सनातन धर्म का बहुत बड़ा चिन्ह है, ये किसी पार्टी का नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘गलत किया है तो भुगतने के लिए रहें तैयार’
वहीं, खंडवा लोकसभा के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने आगे कहा कि भाजपा में कहीं भी गड़बड़ नहीं है। यहां टिकट मांगने का अधिकार तो सबको है। लेकिन टिकट मिलना एक को ही है और जिन लोगों ने टिकट के लिए इच्छा की थी वे सभी पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं। वे सारे लोग कमल के फूल को जिताने के लिए मेहनत करेंगे और भारतीय जनता पार्टी की पांचवीं बार सरकार बनेगी।

प्रदेश में ईडी और आईटी की रेड पर सांसद ने कहा कि अगर आपने कुछ गलत काम करके रखा होगा तो आपको इससे डर लगेगा। और कांग्रेस के पास चुनाव में कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह इसे मुद्दा बना रही है। आम व्यक्ति को ईडी और आईटी से कोई मतलब नहीं है और जैसा आपने गलत किया है, वैसा आपको भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। ईडी और आईटी का दुरुपयोग तो कांग्रेस करती रही है। बीजेपी ने ऐसा कभी नहीं किया। पार्टी में बगावत के सवाल पर उन्होंने कहा कि कहीं कोई बगावत नहीं है, हर चुनाव में इस तरह की बातें होती रहती हैं।


‘राम के प्रमाण मांगने वाले हैं यही लोग
भगवान राम के मुद्दे पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि हम तो चाहते हैं कि कम से कम कांग्रेस राम भगवान का नाम लेने पर तैयार तो हुई। और अब कांग्रेस के लोग मंदिर-मंदिर जा रहे हैं। भगवान को पूज रहे हैं। इनको कम से कम यह सद्बुद्धि तो आ गई, यह बहुत अच्छी बात है। और हम तो यह चाहते हैं कि आप भी सनातन धर्म को मानो। हम सब सनातन धर्म को मानने वाले लोग हैं। और यह लोग अगर सनातन धर्म को मानकर राम के आदर्शों पर चलेंगे तो इनका भी कुछ उद्धार होगा। यह पहले राम को हनुमान जी को नहीं मानते थे। राम के प्रमाण मांगने वाले भी तो यही लोग हैं कि रामसेतु कहां था। कम से कम आज इनको यह सद्बुद्धि तो आ गई कि यह राम को मानने को तैयार हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed