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Khandwa: जनजातीय विभाग में निकाले जा रहे 4,570 हॉस्टल अधीक्षकों के पद, मंत्री विजय शाह ने की घोषणा

Sat, 24 Feb 2024 04:02 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 24 Feb 2024 04:02 PM IST
सार

मध्यप्रदेश जनजातीय विभाग में चार हजार 570 हॉस्टल अधीक्षकों के पद निकाले जा रहे हैं। इसकी घोषणा मंत्री डॉ. विजय शाह ने की।

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Khandwa 4,570 posts of hostel superintendents are being removed in tribal department Minister Vijay Shah
मंत्री डॉ. विजय शाह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने शुक्रवार को प्रदेश के खंडवा नगर में बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि प्रदेश के जनजातीय विभाग के हॉस्टल में अपने मूल पद शिक्षक से इतर अधीक्षक के पद पर कार्य कर रहे 4 हजार 570 शिक्षक वापस से अपने मूल पद में लौटाए जाएंगे। वहीं, इन अधीक्षकों के पदों पर पीईबी के जरिए अगले एक साल में स्थाई भर्ती की जाएगी, जिन्हें लगभग 35,000 रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिया जाएगा।

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इतना ही नहीं, जब तक यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक के लिए इन पदों पर आउटसोर्स कंपनी की मदद से खेल, एमएसडब्ल्यू, महिला एवं बाल विकास, नर्सिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशन स्नातकों के जरिए इन पदों पर रोजगार दिया जाएगा। इन आउटसोर्स कंपनी से जुड़े लोगों को लगभग 22,000 रुपये प्रति माह के मानदेय से वेतन दिया जाएगा। जो की पीएफ सहित अन्य कटौती करते हुए लगभग 18 से 19 हजार रुपये प्रतिमाह तक इन हैंड सैलेरी के रूप में इन्हें प्राप्त होगा।
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मनोवैज्ञानिक रूप से बच्चों को समझ सके
मंत्री शाह ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में लगभग 18,000 से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं, जिसके चलते आदिवासी क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई का स्तर बड़ा कमजोर है, जिसे सुधारने के लिए पहले चरण में तो इन 4,570 हॉस्टल अधीक्षक बने शिक्षकों को वापस उनके मूल काम पर लाया जाएगा, जिससे बच्चों में गणित, इंग्लिश जैसे सब्जेक्ट का स्तर ठीक हो सकेगा। वहीं, उनकी जगह खाली हुए अधीक्षक के पदों पर अब ऐसे लोगों का चुनाव किया जाएगा, जो की हॉस्टल में रह रहे बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से समझते हुए उनकी परेशानी और सुख-दुख को समझ सकें और उसके अनुरूप उन्हें गाइडेंस दे सकें, उनका ध्यान रख सकें।
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अंत तक भी रहेंगे हॉस्टल अधीक्षक ही
मंत्री शाह ने बताया कि अब जो अधीक्षक के पदों पर भर्ती होगी, वह पदोन्नत होकर भी अधीक्षक ही रहेंगे। न की शिक्षक या कोई और पद को प्राप्त कर सकेंगे और इन अधीक्षक के पद पर रहकर पदोन्नत होने वाले युवा पहले 50 बच्चों के हॉस्टल के अधीक्षक थे तो पदोन्नत होकर 100 बच्चों के और इसी तरह अगली बार पदोन्नत होकर लगभग 200 से 250 बच्चों के हॉस्टल तक पदोन्नति होंगे। लेकिन अंत तक रहेंगे हॉस्टल अधीक्षक ही।


बच्चों से पहले खाकर जांचेंगे खाने की गुणवत्ता
इसके साथ ही मंत्री शाह ने एक और घोषणा करते हुए बताया कि भर्ती किए जा रहे इन सभी नए हॉस्टल अधीक्षकों को हॉस्टलों में रहने और खाने की सुविधा भी दी जाएगी। यही नहीं हॉस्टल में बच्चों के लिए बनने वाले खाने को किसी राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के सुरक्षा सुपरवाइजर की तरह ही इन अधीक्षकों को करीब आधा घंटा पहले खाना होगा। इसके बाद ही सुरक्षित होने पर ही वह खाना बच्चों को दिया जाएगा, जिससे बच्चों में होने वाली फूड प्वाइजनिंग या किसी और तरह की समस्या को रोका जा सकेगा।

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