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Omkareshwar : संघ के शताब्दी समारोह को लेकर नगर पथ संचलन और प्रेरक सभा आयोजित, विचार गोष्ठी पर हुई ये चर्चा

Tue, 07 Oct 2025 10:52 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओमकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओमकारेश्वर Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी Updated Tue, 07 Oct 2025 10:52 PM IST
सार

ओमकारेश्वर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह पर नगर पथ संचलन और सभा का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख संत, संघ के कार्यकर्ता और नगर निवासी शामिल हुए, जिसमें संघ की विचारधारा, इतिहास और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला गया।

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City procession and meeting organised on the centenary year of Rashtriya Swayamsevak Sangh in Omkareshwar
ओमकारेश्वर में संघ शताब्दी समारोह को लेकर निकला पथ संचलन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ओमकारेश्वर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह पर नगर पथ संचलन और सभा का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। ब्रह्मपुरी पार्किंग में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में षड़ दर्शन संत मंडल ओंकारेश्वर के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी, मुख्य वक्ता के रूप में विभाग प्रचारक विजेंद्र गोठी समेत संघ के नगर कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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मुख्य वक्ता ने संघ की विचारधारा और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक सामाजिक-संघटक आंदोलन है, जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहा है और लोगों को जोड़ रहा है। शाखाओं के माध्यम से संघ विद्या, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा आदि में योगदान दे रहा है।
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संघ के इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण पड़ावों का उल्लेख करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि 1950 में विद्यार्थी परिषद और 1952 में विद्या भारती की स्थापना हुई, जो आज पूरे देश में सरस्वती शिशु मंदिर नामक अनेक शिक्षा संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं। संघ ने समाज के विभिन्न वर्गों जैसे विद्यार्थी, डॉक्टर, वकील, उद्योगपति, कर्मचारी और आम जनता को जोड़ने का प्रयास किया है।
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ये सब संघ के सक्रिय योगदान के उदाहरण
उन्होंने बताया कि 1975 में संघ को दबाने के प्रयासों के बावजूद उसकी कार्यशालाओं को जनता का समर्थन मिला। इसके अलावा, 2007 में अमरनाथ साइन बोर्ड की जमीन को लेकर 40 दिन तक संघर्ष, 2008 में राम सेतु अध्ययन हेतु विशेष उपकरण का प्रयोग, 2011 में सांप्रदायिक हिंसा अधिनियम लागू होना, और 2012 में स्वामी विवेकानंद के नाम पर कार्यशालाओं का आयोजन संघ के सक्रिय योगदान के उदाहरण हैं।

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आप कौन सी फैक्ट्री चलाते हैं?
कार्यक्रम में एक प्रेरक प्रसंग का भी उल्लेख किया गया। रतन टाटा ने संघ के सरसंघचालक से पूछा था कि आप कौन सी फैक्ट्री चलाते हैं? सरसंघचालक ने उत्तर दिया कि हमारी फैक्ट्री वह नहीं है बल्कि प्रतिदिन एक घंटे भगवा ध्वज के सामने आयोजित कार्यशालाएं ही हमारी जीवनदृष्टि, संस्कार, नीति और दिशा तय करती हैं।

सभा के पश्चात नगर में घोष के साथ पथ संचलन निकाला गया। 400 स्वयंसेवकों ने संघ की गणवेश में कदमताल करते हुए ब्रह्मपुरी पार्किंग, ममलेश्वर मार्ग, बालवाड़ी, पुराना बस स्टैंड, मुख्य मार्ग, जेपी चौक, पुराना झूला पुल, शिवपुरी, ओंकारेश्वर मंदिर, नया झूला पुल होते हुए वापस ब्रह्मपुरी पार्किंग पर आयोजन समाप्त किया।

 
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