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Khandwa: ओंकार जी की शाही महासवारी कल, चांदी की पालकी में नगर भ्रमण पर निकलेंगे भगवान
Sun, 11 Aug 2024 10:43 PM IST
खंडवा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: खंडवा ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2024 10:43 PM IST
सार
ओंकार बाबा की शाही सवारी सोमवार को निकाली जाएगी। भोले बाबा की महा सवारी के दौरान बाबा के भक्त ढोल ढमाकों के तामझाम जिनमें डमरू, त्रिशूल, नंदी बाबा, छतरी, झांझ मजीरे के साथ कोटितीर्थ घाट पर पंहुचेंगे। जहां विद्वान पंडितों द्वारा पूजन अभिषेक कराया जाएगा।
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ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में सोमवार को निकलेगी अंतिम महा सवारी
विस्तार
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओकारेश्वर में श्रावण मास के चौथे सोमवार को शाही महासवारी निकलेगी। इस दौरान पूरी तीर्थ नगरी शिवमय नजर आएगी। अनुमान है कि करीब एक लाख से अधिक भक्त इसके दर्शन का आनंद लेंगे।
बता दें कि इस मास के चौथे सोमवार 12 अगस्त को मुख्य शाही महासवारी निकाली जाएगी। इधर मंदिर ट्रस्ट के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन एवं महासवारी प्रभारी आशीष दीक्षित ने बताया कि श्रावण माह में पांच सोमवार हैं। वहीं पांचवे सोमवार 19 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व होने से मुख्य शाही महासवारी चौथे सोमवार 12 अगस्त को ही निकाली जाएगी। इस दौरान अपरान्ह 2 बजे ओंकारजी महाराज सजी धजी चांदी की पालकी में सवार होकर भक्तों का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण करने निकलेंगे।
महासवारी में दिखेगा भारी तामझाम
भोले बाबा की माह सवारी के दौरान बाबा के भक्त ढोल ढमाकों के तामझाम जिनमें डमरू, त्रिशूल, नंदी बाबा, छतरी, झांझ मजीरे के साथ कोटितीर्थ घाट पर पंहुचेंगे। जहां विद्वान पंडितों द्वारा पूजन अभिषेक कराया जाएगा। वहीं मुख्य ट्रस्टी राव देवेंद्र सिंह, राजा राव पुष्पेदर सिंह, और ट्रस्टी जंगबहादुर सिंह सहित मान्धाता विधायक नारायण पटेल यहां पूजा-अर्चना करेंगे। इधर दक्षिण तट पर श्री ममलेश्वर की पालकी गौमुख घाट आएगी। जहां पूजा अर्चना के बाद दोनों ही पालकियों को नर्मदाजी मे नौका भ्रमण कराया जाएगा।
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रात तक घूमेंगी दोनों पालकियां
गौमुखघाट से दोनों पालकियां नगर भ्रमण के लिए रवाना होंगी। ममलेश्वर मंदिर, ब्रह्मपुरी, गजानन भक्त निवास से होकर डांडी आश्रम, भीलट बाबा चौक से बालवाड़ी मैदान होकर पुराने बस स्टैंड रात 8 बजे पंहुचेगी। मुख्य मार्ग से रात्रि 10 जेपी चौक पंहुचेगी। यहां से मामलेश्वरजी की पालकी वापस मंदिर जाएगी।
गुलाल संग उड़ेंगी गुलाब की पंखुड़ियां
उधर ओंकारजी की सवारी पुराने पुल से बढ़ चौक जाएगी। यहां से मेन मार्किट होकर रात्रि 11 बजे वापस मंदिर पंहुचेगी। इसके बाद शयन आरती होगी। इस दौरान पूरे समय मार्ग मे भक्त भोले शम्भू भोलेनाथ के उद्घोष के साथ नाचते रहेंगे। तो वहीं भक्त गुलाब के फूल और ग़ुलाल उड़ाकर पालकियों का स्वागत करेंगे। साथ ही दो जगह कपूर आरती भी उतारी जाएगी।
श्रावण में उमड़ रहा आस्था का सैलाब
इधर रविवार को ओंकारेश्वर जाने वाले मार्ग पर लम्बा जाम लगा रहा। रविवार को दर्शन करने करीब डेढ़ लाख भक्त पहुंचे थे। बता दें कि श्रावण के चलते शिवभक्तों की आस्था उमड़ रही है। कोई कावड़ लाकर ज्योतिर्लिंग को जल चढ़ा रहे हैं, तो कोई पवित्र नर्मदाजी का जल भरकर उज्जैन एवं अन्य शिव मंदिरों में ले जाकर चढ़ा रहे हैं। अनेक भक्त ओंकार पर्वत की परिक्रमा कर प्राचीन मंदिरों के दर्शन पूजन कर रहे हैं। तो वहीं वे पवित्र नर्मदाजी में स्नान कर पुण्य लाभ भी ले रहे हैं। इस दौरान जगह जगह आश्रम मठ और धर्मशालाओं में भंडारे हो रहे हैं। रविवार को भी प्रात: मंदिर खुलते ही भक्तों की लम्बी लम्बी कतारें लग गई थीं ।
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बता दें कि इस मास के चौथे सोमवार 12 अगस्त को मुख्य शाही महासवारी निकाली जाएगी। इधर मंदिर ट्रस्ट के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन एवं महासवारी प्रभारी आशीष दीक्षित ने बताया कि श्रावण माह में पांच सोमवार हैं। वहीं पांचवे सोमवार 19 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व होने से मुख्य शाही महासवारी चौथे सोमवार 12 अगस्त को ही निकाली जाएगी। इस दौरान अपरान्ह 2 बजे ओंकारजी महाराज सजी धजी चांदी की पालकी में सवार होकर भक्तों का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण करने निकलेंगे।
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महासवारी में दिखेगा भारी तामझाम
भोले बाबा की माह सवारी के दौरान बाबा के भक्त ढोल ढमाकों के तामझाम जिनमें डमरू, त्रिशूल, नंदी बाबा, छतरी, झांझ मजीरे के साथ कोटितीर्थ घाट पर पंहुचेंगे। जहां विद्वान पंडितों द्वारा पूजन अभिषेक कराया जाएगा। वहीं मुख्य ट्रस्टी राव देवेंद्र सिंह, राजा राव पुष्पेदर सिंह, और ट्रस्टी जंगबहादुर सिंह सहित मान्धाता विधायक नारायण पटेल यहां पूजा-अर्चना करेंगे। इधर दक्षिण तट पर श्री ममलेश्वर की पालकी गौमुख घाट आएगी। जहां पूजा अर्चना के बाद दोनों ही पालकियों को नर्मदाजी मे नौका भ्रमण कराया जाएगा।
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रात तक घूमेंगी दोनों पालकियां
गौमुखघाट से दोनों पालकियां नगर भ्रमण के लिए रवाना होंगी। ममलेश्वर मंदिर, ब्रह्मपुरी, गजानन भक्त निवास से होकर डांडी आश्रम, भीलट बाबा चौक से बालवाड़ी मैदान होकर पुराने बस स्टैंड रात 8 बजे पंहुचेगी। मुख्य मार्ग से रात्रि 10 जेपी चौक पंहुचेगी। यहां से मामलेश्वरजी की पालकी वापस मंदिर जाएगी।
गुलाल संग उड़ेंगी गुलाब की पंखुड़ियां
उधर ओंकारजी की सवारी पुराने पुल से बढ़ चौक जाएगी। यहां से मेन मार्किट होकर रात्रि 11 बजे वापस मंदिर पंहुचेगी। इसके बाद शयन आरती होगी। इस दौरान पूरे समय मार्ग मे भक्त भोले शम्भू भोलेनाथ के उद्घोष के साथ नाचते रहेंगे। तो वहीं भक्त गुलाब के फूल और ग़ुलाल उड़ाकर पालकियों का स्वागत करेंगे। साथ ही दो जगह कपूर आरती भी उतारी जाएगी।
श्रावण में उमड़ रहा आस्था का सैलाब
इधर रविवार को ओंकारेश्वर जाने वाले मार्ग पर लम्बा जाम लगा रहा। रविवार को दर्शन करने करीब डेढ़ लाख भक्त पहुंचे थे। बता दें कि श्रावण के चलते शिवभक्तों की आस्था उमड़ रही है। कोई कावड़ लाकर ज्योतिर्लिंग को जल चढ़ा रहे हैं, तो कोई पवित्र नर्मदाजी का जल भरकर उज्जैन एवं अन्य शिव मंदिरों में ले जाकर चढ़ा रहे हैं। अनेक भक्त ओंकार पर्वत की परिक्रमा कर प्राचीन मंदिरों के दर्शन पूजन कर रहे हैं। तो वहीं वे पवित्र नर्मदाजी में स्नान कर पुण्य लाभ भी ले रहे हैं। इस दौरान जगह जगह आश्रम मठ और धर्मशालाओं में भंडारे हो रहे हैं। रविवार को भी प्रात: मंदिर खुलते ही भक्तों की लम्बी लम्बी कतारें लग गई थीं ।

ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में सोमवार को निकलेगी अंतिम महा सवारी
