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Katni News : सरकार से मिलने वाली स्कूटी को लेने से टॉपर्स ने किया इनकार, जानिए क्या है वजह

Thu, 24 Aug 2023 01:56 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Thu, 24 Aug 2023 01:56 PM IST
सार

Katni News: मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार बोर्ड परीक्षाओं में 70 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को गाड़ी दे रही है, लेकिन कटनी में छात्र-छात्राओं ने शासन से मिलने वाली गाड़ियां लेने से इनकार कर दिया है।

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Katni News: Toppers refused to take the scooty from the government, know the reason
टॉपर्स को बंटन के लिए आई गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शासन की योजनाओं पर प्रशासनिक अधिकारियों की गफलतबाजी से नाराज होकर छात्र-छात्राओं ने स्कूटी लेने से इनकार कर दिया है। मामला मध्यप्रदेश के कटनी जिले का है, जहां 70 प्रतिशत से ऊपर आने वाले छात्र-छात्राओं को शिवराज सरकार द्वारा स्कूटी वितरण होना था, लेकिन मौके पर पहुंचे छात्र-छात्राओं ने गाड़ियों को देखकर नाराज़गी जताई और गाड़ी लेने से इनकार कर दिया। निवार के छात्र अनुराग ने बताया कि उसके 83 प्रतिशत आए हैं, जिस कारण उसे स्कूटी मिलना था, जिसके लिए उसने पेट्रोल गाड़ी का कोटेशन जमा किया गया था, लेकिन यहां ई-बाइक दे रहे हैं। इसलिए बाइक नहीं ले रहे। अनुराग बताते हैं कि गांव में बिजली रहती नहीं तो ई-बाइक कबाड़ बन जाएगी और गांव की सड़क के लिए कमजोर है, इसमें न तो पॉवर है न ही इतना पैसा की तीन साल बाद 50 हजार की बैटरी चेंज करवा सकें। 
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हालांकि अनुराग कोई पहले छात्र नहीं जिन्होंने बाइक लेने से मना किया है। यहां पहुंची नाजिया बनो, शिवानी पाल जैसे दो दर्जन से अधिक स्टूडेंट्स ने गाड़ी लेने से मना किया है। एनकेजे हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा नाजिया बनो ने बताया कि उसे पेट्रोल वाली स्कूटी लेना था, लेकिन उसका कोटेशन इलेक्ट्रिक बाइक का लगा हुआ है। इसलिए मैं जब पेट्रोल बाइक लू तो कोई परेशान न करें। कई छात्र-छात्राओं के परिजनों ने अधिकारियों की गफलतबाजी को उजागर करते हुए कहा कि ई-बाइक के लिए शासन द्वारा एक लाख 19 हजार की राशि जारी की गई, लेकिन गाड़ी की कीमत एक लाख एक हजार है। इस तरह शासन की राशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसकी शिकायत लेकर सभी ने कलेक्टर अवि प्रसाद से मिलकर कहा, लेकिन इसका अभी तक कोई निराकरण नहीं निकाला गया। 
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