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Katni News: जिंदा को मृत घोषित कर अधिकारियों ने हड़पी करोड़ों की जमीन, खुद को जीवित साबित करने भटक रहा पीड़ित
Sun, 09 Jul 2023 04:08 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 09 Jul 2023 04:08 PM IST
सार
कटनी की विजयराघवगढ़ विधानसभा में जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर करोड़ों की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित आदिवासी ने मामले की शिकायत विधायक संजय पाठक से की है।
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विधायक संजय पाठक से मिलने पहुंचा पीड़ित आदिवासी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा में जिंदा आदिवासी रतिया कोल को मृत घोषित करते हुए उसकी बेशकीमती जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। विधायक संजय पाठक ने मामला संज्ञान में आने के बाद पीड़ित आदिवासी को न्याय दिलाने की बात कही है। जानकारी के अनुसार कलहरा ग्राम निवासी रतिया कोल की बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए अधिकारी और कर्मचारियों ने मिलकर अजब गजब कारनामे को अंजाम दिया। पहले तो बुजुर्ग रतिया कोल को 1998 में मृत रतिया बाई के कागजात लगाकर जिंदा इंसान को मृत घोषित कर दिया, फिर उनकी 0.55 हेक्टियर जमीन को फौती साबित कर दिया।
वहीं, अब जिंदा इंसान खुद को जिंदा साबित करने के लिए दर-दर भटक रहा है। मामला सुनने में भले ही फिल्मी लग रहा हो लेकिन ये पूरी आप बीती विजयराघवगढ़ के रतिया कोल की है। जो अधिकारियों के चक्कर लगाकर जब थक गया तो वो स्थानीय विधायक संजय पाठक के पास जा पहुंचा। पीड़ित रतिया कोल की बात सुनकर तो एक पल के लिए विधायक पाठक भी दंग रह गए की कैसे कोई गरीब की जमीन हड़पने के लिए इस तरह की जालसाजी कर सकता है।
रतिया कोल की करीब डेढ़ एकड़ जमीन जो मुख्यमार्ग से लगी होने के कारण उसकी वर्तमान कीमत करोड़ों में है, जिसे किसी तत्कालीन पटवारी रामलाल कोल ने अपने किसी रिश्तेदार के नाम पर चढ़ा दिया था। इसके पहले कि पीड़ित रतिया कोई आपत्ति जताता उससे पहले ही तत्कालीन तहसीलदार नेहा जैन और पटवारी ने मिलकर रतिया कोल को मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाते हुए फौती में चढ़कर फर्जी सेझरा बना दिया।
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रतिया कोल की बात सुनकर विधायक संजय पाठक ने प्रशासन के रूप में शामिल तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी की भूमिका को संदिग्ध माना और पीड़ित रतिया के साथ हुए फर्जीवाड़े को खत्म करते हुए उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। विधायक संजय पाठक का कहना है कि रतिया कोल को मृत घोषित करने और उसकी जमीन को हड़पने वाले अधिकारी कर्मचारियों सहित अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाने से लेकर कड़ी कार्रवाई करने की चर्चा एसपी और कलेक्टर से करेंगे।
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वहीं, अब जिंदा इंसान खुद को जिंदा साबित करने के लिए दर-दर भटक रहा है। मामला सुनने में भले ही फिल्मी लग रहा हो लेकिन ये पूरी आप बीती विजयराघवगढ़ के रतिया कोल की है। जो अधिकारियों के चक्कर लगाकर जब थक गया तो वो स्थानीय विधायक संजय पाठक के पास जा पहुंचा। पीड़ित रतिया कोल की बात सुनकर तो एक पल के लिए विधायक पाठक भी दंग रह गए की कैसे कोई गरीब की जमीन हड़पने के लिए इस तरह की जालसाजी कर सकता है।
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रतिया कोल की करीब डेढ़ एकड़ जमीन जो मुख्यमार्ग से लगी होने के कारण उसकी वर्तमान कीमत करोड़ों में है, जिसे किसी तत्कालीन पटवारी रामलाल कोल ने अपने किसी रिश्तेदार के नाम पर चढ़ा दिया था। इसके पहले कि पीड़ित रतिया कोई आपत्ति जताता उससे पहले ही तत्कालीन तहसीलदार नेहा जैन और पटवारी ने मिलकर रतिया कोल को मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाते हुए फौती में चढ़कर फर्जी सेझरा बना दिया।
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रतिया कोल की बात सुनकर विधायक संजय पाठक ने प्रशासन के रूप में शामिल तत्कालीन तहसीलदार और पटवारी की भूमिका को संदिग्ध माना और पीड़ित रतिया के साथ हुए फर्जीवाड़े को खत्म करते हुए उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। विधायक संजय पाठक का कहना है कि रतिया कोल को मृत घोषित करने और उसकी जमीन को हड़पने वाले अधिकारी कर्मचारियों सहित अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाने से लेकर कड़ी कार्रवाई करने की चर्चा एसपी और कलेक्टर से करेंगे।
