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MP में कमलनाथ का बड़ा बयान: बोले- कांग्रेस की 2023 में सरकार बनी तो हम पुरानी पेंशल बहाल करेंगे, हर हाल में लागू करेंगे
Sun, 01 May 2022 02:28 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 01 May 2022 02:28 PM IST
सार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में सवा साल का समय बचा है। इसके पहले ही राजनीतिक पार्टियों ने वोटरों को साधना शुरू कर दिया है। रविवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस की 2023 में सरकार बनी तो प्रदेश में पुरानी पेंशन लागू करेंगे। हर हाल में लागू करेंगे।
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एमपी शिक्षक कांग्रेस के कार्यक्रम को संबोधित करते कमलनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने रविवार को मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस के अधिवेशन में बड़ा बयान दिया। कमलनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो हम पुरानी पेंशन बहाल करेंगे, हर हाल में लागू करेंगे। कमलनाथ ने कहा कि पुरानी पेंशन को कांग्रेस की दूसरी सरकारों ने भी लागू किया है।
बता दें राजस्थान के पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने के बाद मध्य प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग तेज हो गई है। इसको लेकर कर्मचारी संगठन बड़े आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं। सत्ता पक्ष के विधायक भी पुरानी पेंशन लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख चुके हैं।
2005 में नई पेंशन योजना लागू हुई
प्रदेश में अप्रैल 2005 में पुरानी पेंशन योजना को बंद करके नई पेंशन योजना लागू की गई थी। प्रदेश में 1 जनवरी 2005 के बाद 3.35 लाख से ज्यादा कर्मचारी सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं। इनमें से 2.87 लाख टीचर और बाकी 48 हजार अन्य सेवाओं के कर्मचारी हैं।
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यह है नई और पुरानी पेंशन योजना में अंतर
पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के समय वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में दी जाती थी। इसके लिए कर्मचारी के वेतन से पैसा नहीं कटता था। कर्मचारी का वेतन भुगतान सरकार की ट्रेजरी के जरिए होता था। वहीं, नई पेंशन योजना में बेसिक सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा काटती है और 14 प्रतिशत राशि सरकार मिलाती है। नई पेंशन योजना शेयर बाजार पर आधारित है और भुगतान बाजार पर निर्भर रहता है।
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बता दें राजस्थान के पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने के बाद मध्य प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग तेज हो गई है। इसको लेकर कर्मचारी संगठन बड़े आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं। सत्ता पक्ष के विधायक भी पुरानी पेंशन लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख चुके हैं।
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2005 में नई पेंशन योजना लागू हुई
प्रदेश में अप्रैल 2005 में पुरानी पेंशन योजना को बंद करके नई पेंशन योजना लागू की गई थी। प्रदेश में 1 जनवरी 2005 के बाद 3.35 लाख से ज्यादा कर्मचारी सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं। इनमें से 2.87 लाख टीचर और बाकी 48 हजार अन्य सेवाओं के कर्मचारी हैं।
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यह है नई और पुरानी पेंशन योजना में अंतर
पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के समय वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में दी जाती थी। इसके लिए कर्मचारी के वेतन से पैसा नहीं कटता था। कर्मचारी का वेतन भुगतान सरकार की ट्रेजरी के जरिए होता था। वहीं, नई पेंशन योजना में बेसिक सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा काटती है और 14 प्रतिशत राशि सरकार मिलाती है। नई पेंशन योजना शेयर बाजार पर आधारित है और भुगतान बाजार पर निर्भर रहता है।
