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चुनाव आयोग को ठोकर मारना विजयवर्गीय को पड़ा महंगा
अमर उजाला
Updated Thu, 17 Oct 2013 04:30 PM IST
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दशहरे के कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़े जोश से ये कह तो दिया कि वे आचार संहिता को ठोकर मारते हैं। लेकिन इस ठोकर से कैलाश विजयवर्गिय को ही चोट लगती नजर आ रही है।
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कैलाश विजयवर्गीय ने महू की चुनरी यात्रा में लोगों को पैसे बांटे और यह कहा था कि मैं आचार संहिता की चिंता नहीं करता हूं और ऐसी आचार संहिता को ठोकर मारता हूं। चुनाव आयोग को व्यवहारिक होना चाहिए।
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आचार संहिता के खिलाफ लगातार बोलना उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के लिए भारी पड़ गया। चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर 18 अक्टूबर की शाम पांच बजे तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
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नोटिस में दशहरे के दिन मंच से घोषणा करने, महू की चुनरी यात्रा में नोट बांटने और राजपूत शस्त्र पूजन कार्यक्रम में चुनाव आयोग के खिलाफ बोलने का मामला शामिल है। खासतौर से आचार संहिता के खिलाफ बोलने को गंभीरता से लिया गया है। विजयवर्गीय को तीनों मामलों में नोटिस दिया गया है। चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है, इसके खिलाफ बोलने का आरोप गंभीर है।
यह थे तीनों मामले
1. महू की चुनरी यात्रा में उद्योग मंत्री ने ढोलक वालों को सौ-सौ रुपए के नोट बांटे थे।
2. सत्यसांई चौराहे पर हुए दशहरा आयोजन में उद्योग मंत्री ने मंच से उद्योग विभाग का बड़ा भवन बनाने और सेंट्रल इंडिया का पॉवर सेक्टर बनाने की बात कही थी।
3. राजपूत शस्त्र पूजन कार्यक्रम में उद्योग मंत्री ने कहा था कि मैं आचार संहिता की चिंता नहीं करता हूं और ऐसी आचार संहिता को ठोकर मारता हूं। चुनाव आयोग को व्यवहारिक होना चाहिए।
