राज्यसभा चुनाव : एमपी से सिंधिया और दिग्विजय के जीतने की उम्मीद, राजस्थान में भी तैयारियां पूरी
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए शुक्रवार को होने वाले चुनाव में भाजपा के दो उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के जीतने की उम्मीद है। वहीं कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार वरिष्ठ दलित नेता फूल सिंह बरैया के लिए कांग्रेस के पास पर्याप्त मत न होने की वजह से उनके जीतने की संभावनाएं कम है। वहीं, राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले मतदान के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। यहां तीन सीटों पर चार उम्मीदवार हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विधानसभा की वर्तमान संख्या बल को देखते हुए भाजपा के पास अपने दोनों उम्मीदवारों को निर्वाचित कराने के लिए विधायकों के पर्याप्त मत हैं। कांग्रेस के पास दिग्विजय सिंह को दूसरी दफा राज्यसभा में भेजने के लिये मत पर्याप्त हैं। लेकिन, दूसरे उम्मीदवार बरैया को निकालने के लिए जरूरी मत नहीं हैं।
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं और फिलहाल 24 सीटें रिक्त होने की वजह से विधानसभा की प्रभावी संख्या 206 है। इसमें भाजपा के 107, कांग्रेस के 92, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं। इस स्थिति में राज्यसभा में निर्वाचन के लिए किसी भी उम्मीदवार को 52 मतों की जरुरत होगी।
इस स्थिति में भाजपा अपने दम पर अपने दोनों उम्मीदवारों को जिता सकती है। इसके अलावा बसपा के दो, सपा का एक और दो निर्दलीय विधायक भी बुधवार रात प्रदेश भाजपा कार्यालय में रात्रि भोज में शामिल हो भाजपा के खेमे में होने के संकेत दे चुके हैं।
कांग्रेस दिग्विजय के चुनाव के लिए अपने 54 विधायकों को उन्हें वोट देने के लिए कह चुकी है। इस बीच, प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के विधायकों ने चुनाव के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए यहां बृहस्पतिवार को बैठकें की। भाजपा विधायकों की एक बैठक रात को भी होने जा रही है।
राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान शुक्रवार को
राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों पर शुक्रवार को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां तीन सीटों पर चार उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा ने अपनी अपनी पार्टियों और उनको सर्मथन दे रहे विधायकों को अलग-अलग होटलों में ठहरा रखा है। सभी विधायक शुक्रवार को सुबह नौ बजे से राजस्थान विधानसभा भवन में मतदान प्रक्रिया में भाग लेंगे।
दोनों दलों ने मतदान के दौरान किसी तरह की गलती की आशंका टालने के लिए बृहस्पतिवार से अपने अपने विधायकों के लिए 'मॉक पोलिंग' करवाई। कांग्रेस ने अपने विधायकों,निर्दलीय और उनको समर्थन दे रही पार्टियों के विधायकों के साथ बृहस्पतिवार को जयपुर दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित होटल में दो बार मॉक पालिंग का अभ्यास किया जबकि भाजपा ने सीतापुरा स्थित होटल में मॉक पालिंग आयोजित की।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से प्रत्येक विधायक को अलग पैन उपलब्ध कराने की मांग की थी जिसे स्वीकार कर लिया गया है। 2016 में हरियाणा में राज्यसभा के चुनाव के दौरान पेन बदलने को लेकर विवाद हो गया था जिसके परिणामस्वरूप वोट अस्वीकृत कर दिए गए थे। इस तरह की स्थिति से दूर रहने और कोरोना वायरस संकट को देखते हुए पार्टी ने यह मांग की है।
सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि अपने मत पर निशान लगाने के लिए हर विधायक को चुनाव आयोग अलग से पेन उपलब्ध कराएगा। जोशी ने कहा कि हम चुनाव आयोग के इस निर्णय का स्वागत करते है। निष्पक्ष मतदान के अलावा यह कोरोना वायरस के मद्देनजर एक एहतियाती कदम भी होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अन्य नेताओं और विधायकों ने मॉक पालिंग में भाग लिया। भाजपा ने होटल में विधायकों के लिए 'आत्मनिर्भर भारत अभियान'पर एक सत्र का आयोजन किया। राज्यसभा की तीन सीटों के लिये मतदान सुबह नौ बजे से चार बजे तक होगा और मतगणना का काम पांच बजे शुरू होगा
