{"_id":"61934c23b83b3b1440066a68","slug":"janjatiya-gaurav-madhya-pradesh-s-award-will-be-established-on-the-lines-of-padma-shri-will-be-given-on-november-1-every-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनजातीय गौरव: पद्मश्री की तर्ज पर स्थापित होगा मध्यप्रदेश का पुरस्कार, हर साल 1 नवंबर को दिया जाएगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनजातीय गौरव: पद्मश्री की तर्ज पर स्थापित होगा मध्यप्रदेश का पुरस्कार, हर साल 1 नवंबर को दिया जाएगा
Tue, 16 Nov 2021 11:43 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 16 Nov 2021 11:43 AM IST
सार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनजातीय गौरव दिवस पर पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों से मुलाकात की। उन्होंने कलाकारों के लिए मध्यप्रदेश का पुरस्कार स्थापित करने और 650 कलाकारों को 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
विज्ञापन
जनजातीय कलाकारों के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी के जंबूरी मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस पर पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देने भोपाल पहुंचे कलाकारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की। पहली, पद्मश्री पुरस्कारों की तर्ज पर मध्यप्रदेश का पुरस्कार स्थापित होगा। यह पुरस्कार एक श्रेष्ठ कलाकार को दिया जाएगा। दूसरा, जनजातीय गौरव दिवस में भाग लेने आए 650 कलाकारों को 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को भोपाल आए कलाकारों को सीएम हाउस में बुलाया था। उनके साथ नाश्ता किया। सबसे मुलाकात की। फिर संक्षिप्त कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री जी ढूंढ-ढूंढकर कलाकारों को पद्मश्री देते हैं। हमने तय किया है कि मध्यप्रदेश में भी कलाकारों को सम्मानित किया जाए। इसके लिए बेस्ट कलाकार को पुरस्कार दिया जाएगा। 1 नवंबर को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर हम एक बेस्ट कलाकार को पुरस्कृत करेंगे।
बिना मिले जाने देता तो गलत होता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं आप सभी का स्वागत करके बहुत खुश हूं। इतने अच्छे कलाकार मध्यप्रदेश के हर कोने से, जनजाति के हर वर्ग से आए हैं। ये मामा से मिले बिना चले जाते तो गलत होता। मैं सबसे मिलना चाहता था। मैं आप सभी का हृदय से स्वागत करता हूं।
विज्ञापन
1.54 करोड़ से अधिक लोग जुड़े सम्मेलन से
उन्होंने यह भी कहा कि आप सभी की प्रस्तुति से अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी अभिभूत हुए हैं। वे अद्भुत व्यक्ति हैं। मोदी कला के पारखी हैं। उन्होंने ढूंढ—ढूंढ कर कलाकारों को सम्मानित किया है। ये कला का सम्मान है। मोदी जी के जनजातीय गौरव दिवस के भोपाल कार्यक्रम से जनजातीय भाई-बहन ही नहीं, बल्कि डेढ़ करोड़ से अधिक अन्य लोग भी जुड़े थे। इस समारोह का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1.54 करोड़ से अधिक रहा था।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को भोपाल आए कलाकारों को सीएम हाउस में बुलाया था। उनके साथ नाश्ता किया। सबसे मुलाकात की। फिर संक्षिप्त कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री जी ढूंढ-ढूंढकर कलाकारों को पद्मश्री देते हैं। हमने तय किया है कि मध्यप्रदेश में भी कलाकारों को सम्मानित किया जाए। इसके लिए बेस्ट कलाकार को पुरस्कार दिया जाएगा। 1 नवंबर को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर हम एक बेस्ट कलाकार को पुरस्कृत करेंगे।
विज्ञापन
बिना मिले जाने देता तो गलत होता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं आप सभी का स्वागत करके बहुत खुश हूं। इतने अच्छे कलाकार मध्यप्रदेश के हर कोने से, जनजाति के हर वर्ग से आए हैं। ये मामा से मिले बिना चले जाते तो गलत होता। मैं सबसे मिलना चाहता था। मैं आप सभी का हृदय से स्वागत करता हूं।
विज्ञापन
1.54 करोड़ से अधिक लोग जुड़े सम्मेलन से
उन्होंने यह भी कहा कि आप सभी की प्रस्तुति से अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी अभिभूत हुए हैं। वे अद्भुत व्यक्ति हैं। मोदी कला के पारखी हैं। उन्होंने ढूंढ—ढूंढ कर कलाकारों को सम्मानित किया है। ये कला का सम्मान है। मोदी जी के जनजातीय गौरव दिवस के भोपाल कार्यक्रम से जनजातीय भाई-बहन ही नहीं, बल्कि डेढ़ करोड़ से अधिक अन्य लोग भी जुड़े थे। इस समारोह का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1.54 करोड़ से अधिक रहा था।
