फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Two wild elephants were released into the forest, an expert committee will investigate the third one

Jabalpur News: दो जंगली हाथियों को जंगल में छोड़ा, तीसरे की एक्सपर्ट कमेटी करेगी जांच, सरकार ने दिया जवाब

Thu, 23 Jan 2025 10:08 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 23 Jan 2025 10:08 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सरकार ने बताया कि पकड़े गए दो जंगली हाथियों को कॉलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ा गया है। एक अन्य हाथी की रिहाई पर एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के बाद निर्णय होगा। याचिका में हाथियों को पकड़ने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। 

विज्ञापन
Two wild elephants were released into the forest, an expert committee will investigate the third one
high court

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ को सरकार ने सूचित किया कि दो पकड़े गए जंगली हाथियों को कॉलर आईडी लगाकर जंगल में छोड़ दिया गया है। कॉलर आईडी विदेश से मंगाई गई है। कान्हा टाइगर रिजर्व में रखे गए एक अन्य जंगली हाथी की जांच एक्सपर्ट कमेटी करेगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर उसे जंगल में छोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा।

विज्ञापन

रायपुर निवासी नितिन सिंघवी की याचिका में कहा गया है कि जंगली हाथियों को पकड़ने का कदम केवल अंतिम उपाय के रूप में अपनाया जाना चाहिए। मध्य प्रदेश में इसे पहले विकल्प के रूप में अपनाने के आरोप लगाए गए हैं। जंगली हाथियों के कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, घरों में तोड़फोड़ हो रही है, और लोगों की मृत्यु तक हो चुकी है।

विज्ञापन

सरकार का पक्ष
सरकार की रिपोर्ट में बताया गया कि 2017 से अब तक 10 जंगली हाथियों को पकड़ा गया है। इनमें से दो हाथियों को छोड़ दिया गया है, और एक की रिहाई पर कमेटी की रिपोर्ट के बाद विचार होगा। याचिका पर पिछली सुनवाई में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौत का मामला उठाया गया था। सरकार ने यह भी बताया कि हाथियों को कंट्रोल करने वाले विशेषज्ञों की सहायता के लिए 6 सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें सेंटर ऑफ एलिफेंट स्टडी के प्रोफेसर राजीव टी.एस. को शामिल किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने मामले में याचिकाकर्ता को सुझाव पेश करने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता ने दूसरे राज्यों के विशेषज्ञों की सहायता लेने की सिफारिश की है। सरकार ने इस पर विचार करने के लिए समय मांगा। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने पैरवी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed