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Court News: फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामला, दो बेंच ने किया सुनवाई से इंकार, याचिकाकर्ता ने लगाए आरोप

Wed, 24 Jan 2024 12:23 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 24 Jan 2024 12:23 PM IST
सार

Court News: फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामले की सुनवाई मंगलवार को दो बेंच में हुई। दोनों बेंच ने याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि सीबीआई ने सिर्फ एमपीएमएसयू से संबद्धता प्राप्त कॉलेज का जांच की है।

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Two benches refused to hear the fake nursing college case
फर्जी नर्सिंग कॉलेज मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

याचिकाकर्ता लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन की तरफ से दायर याचिका में फर्जी तरीके से नर्सिंग कॉलेज संचालित होने को चुनौती दी गयी थी। याचिका में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 में प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में 55 नर्सिंग कॉलेज को मान्यता दी गयी। वास्तविकता में यह कॉलेज सिर्फ कागज में संचालित हो रहे है। अधिकांश कॉलेज की निर्धारित स्थल में बिल्डिंग तक नहीं है। कुछ कॉलेज सिर्फ चार-पांच कमरों में संचालित हो रहे है। ऐसे कॉलेज में प्रयोगशाला सहित अन्य आवश्यक संरचना नहीं है। बिना छात्रावास ही कॉलेज का संचालन किया जा रहा है।

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याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया था कि एक ही व्यक्ति कई नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य है और फैक्टली भी अगल-अलग कॉलेज में कार्यरत है। जिस कॉलेज में कार्यरत है उनकी दूरी सैकड़ों किलोमीटर दूर है। इसके अलावा माईग्रेट तथा डुप्लीकेट फैक्टली का मामला भी याचिकाकर्ता की तरफ से उठाया गया था। युगलपीठ ने ग्वालियर तथा इंदौर खंडपीठ में लंबित नर्सिंग कॉलेज संबंधित याचिकाओं को मुख्यपीठ स्थानांतरित करने के आदेश जारी किये थे। 
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रिजल्ट घोषित करने की राहत
याचिकाओं की करते युगलपीठ ने प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई की तरफ से मध्य प्रदेश मेडिकल सांइस यूनिवर्सिटी से संबद्धता प्राप्त 308 नर्सिंग कॉलेज की जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में पेश की गयी थी। याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ को महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने बताया गया कि सीबीआई की रिपोर्ट के आधार पर फर्जी नर्सिंग कॉलेजों पर कार्रवाई के लिए उच्च स्तर कमेटी गठित की जायेगी। उन्होंने मध्य प्रदेश नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसलिंग के संबद्धता प्राप्त कॉलेज के जीएनएम परीक्षा के रिजल्ट घोषित करने की राहत हाईकोर्ट से चाही थी।
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रिपोर्ट पढ़ने की अनुमति
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई ने सिर्फ एमपीएमएसयू से संबंध कॉलेजों की जांच रिपोर्ट पेश की है। एमपीएनआरसी से संबंध नर्सिंग कॉलेजों की जांच सीबीआई ने नहीं की है, जिनकी संख्या लगभग 400 है। इसके अलावा सीबीआई ने उनके द्वारा उठाये गये समस्त बिंदुओं पर जांच की है, इस जानकारी के लिए उन्हें रिपोर्ट पढ़ने की अनुमति दी जाये।


आदेश जारी
जस्टिस विशाल मिश्रा ने द्वारा सुनवाई से खुद को अलग कर लिया गया। जिसके बाद याचिका को सुनवाई के लिए जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली युगलपीठ के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिये। दोपहर बाद जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली युगलपीठ के समक्ष याचिका की सुनवाई हुई। युगलपीठ के समक्ष दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किये। युगलपीठ ने याचिका को सुनवाई के लिए रेगुलर बेंच के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये है।

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