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MP News: अधिकृत लाइसेंस नहीं होने पर बीमा कंपनी नहीं देगी क्लेम, हाईकोर्ट का अहम फैसला
Thu, 29 Dec 2022 07:04 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 29 Dec 2022 07:04 PM IST
सार
याचिका में कहा गया था कि वाहन चालक के पास गेयर वाली गाड़ी चलाने का अधिकृत लाइसेंस नहीं था। उसके पास सिर्फ हल्के वाहन चलाने के लाइसेंस था। बिना अधिकृत लाइसेंस के वाहन चलाने की स्थिति में दुर्घटना होने पर इंश्योरेंस कंपनी पर क्लेम का दायित्व निर्धारित नहीं किया जा सकता है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल ने अपने अहम फैसले में कहा है कि चालक के पास वाहन चलाने का अधिकृत लाइसेंस नहीं होने पर बीमा कंपनी पर क्लेम का दायित्व नहीं बनता है। एकलपीठ ने अतिरिक्त मोटर व्हीकल दावा अधिकारी द्वारा बीमा कंपनी पर निर्धारित क्लेम राशि के आदेश को निरस्त कर दिया है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि क्लेम के दायित्व का निर्धारण वाहन मालिक व चालक पर किया जाना चाहिए।
बता दें कि द न्यू इंडिया इंश्योरेंस की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि अतिरिक्त मोटर व्हीकल दावा अधिकारी हटा जिला दमोह ने सड़क दुर्घटना के मामले में 8 लाख 26 हजार रुपये की क्लेम राशि का निर्धारण उन पर किया है। मोटरसाइकिल की टक्कर से रामरती बाई की मौत हो गई थी। मोटरसाइकिल का मालिक धर्मेन्द्र राय था और दुर्घटना के समय मुराद बेग उसे चला रहा था। वाहन का इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया गया था।
याचिका में कहा गया था कि वाहन चालक के पास गेयर वाली गाड़ी चलाने का अधिकृत लाइसेंस नहीं था। उसके पास सिर्फ हल्के वाहन चलाने के लाइसेंस था। बिना अधिकृत लाइसेंस के वाहन चलाने की स्थिति में दुर्घटना होने पर इंश्योरेंस कंपनी पर क्लेम का दायित्व निर्धारित नहीं किया जा सकता है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अनाधिकृत लाइसेंस नहीं होने पर कंपनी पर क्लेम का दायित्व नहीं बनता है। प्राधिकरण द्वारा पारित आदेश न्यायसंगत नहीं है। क्लेम के दायित्व का निर्धारिण वाहन मालिक व चालक पर किया जाना चाहिए।
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बता दें कि द न्यू इंडिया इंश्योरेंस की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि अतिरिक्त मोटर व्हीकल दावा अधिकारी हटा जिला दमोह ने सड़क दुर्घटना के मामले में 8 लाख 26 हजार रुपये की क्लेम राशि का निर्धारण उन पर किया है। मोटरसाइकिल की टक्कर से रामरती बाई की मौत हो गई थी। मोटरसाइकिल का मालिक धर्मेन्द्र राय था और दुर्घटना के समय मुराद बेग उसे चला रहा था। वाहन का इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया गया था।
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याचिका में कहा गया था कि वाहन चालक के पास गेयर वाली गाड़ी चलाने का अधिकृत लाइसेंस नहीं था। उसके पास सिर्फ हल्के वाहन चलाने के लाइसेंस था। बिना अधिकृत लाइसेंस के वाहन चलाने की स्थिति में दुर्घटना होने पर इंश्योरेंस कंपनी पर क्लेम का दायित्व निर्धारित नहीं किया जा सकता है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अनाधिकृत लाइसेंस नहीं होने पर कंपनी पर क्लेम का दायित्व नहीं बनता है। प्राधिकरण द्वारा पारित आदेश न्यायसंगत नहीं है। क्लेम के दायित्व का निर्धारिण वाहन मालिक व चालक पर किया जाना चाहिए।
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