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Jabalpur News: मृतक की शर्ट से घोंटा था गला, हाईकोर्ट ने माना…नहीं था हत्या का उद्देश्य
Mon, 21 Oct 2024 08:16 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2024 08:16 PM IST
सार
MP: हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा से दंडित 6 आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत मिली है। एकलपीठ ने आधा दर्जन आरोपी को सिर्फ बलवा व मारपीट को दोषी मानते हुए हत्या के आरोप से बरी कर दिया।
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जबलपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा से दंडित 6 आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस जी एस अहलूवालिया की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि मृतक ने घटना से पहले गाली-गलौज की थी। एक आरोपी ने मृतक की शर्ट से गला घोंटकर हत्या की थी। जिस आरोपी ने गला घोंटकर हत्या की वह कोई हथियार लेकर नहीं गया था। एकलपीठ ने आधा दर्जन आरोपी को सिर्फ बलवा व मारपीट को दोषी मानते हुए हत्या के आरोप से बरी कर दिया।
हत्या के आरोप में कटनी न्यायालय द्वारा जनवरी 2020 को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ साई लाल पटेल, अवधेश पटेल, राजेन्द्र, राकेश, ओमकार पटेल तथा भोला पटेल ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील की सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने पाया कि ग्राम कुम्हारवाड़ा निवासी मनरमण पटेल ने शिवकुमार पटेल को गाली-गलौज करते हुए डांटा था। जिसके बाद शिवकुमार पटेल, राम कुमार पटेल, साई लाल पटेल, अवधेश पटेल, राजेंद्र, राकेश, ओमकार पटेल तथा भोला पटेल उसके घर पहुंचे।
आरोपी ने मनरमण को घर से निकाल उसके साथ मुक्कों से मारपीट की। इस दौरान शिव कुमार ने मन शरण की शर्ट से उसका गला दबा दिया। जिसके कारण उसकी मौत हो गयी। घटना के बाद पुलिस ने शिव कुमार पटेल तथा राम कुमार पटेल को गिरफ्तार किया था। कटनी न्यायालय ने अगस्त 2010 में दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था। सजा के खिलाफ दोनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील खारिज होने के बाद राम कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली थी। शिव कुमार पटेल अपनी सजा काटकर 2023 में रिहा हो गया है।
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घटना के आरोपी अपीलकर्ता साल 2012 में गिरफ्तार हुए थे। कटनी जिला न्यायालय ने उन्हे हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत अगस्त 2020 में सजा से दंडित किया था। एकलपीठ ने पाया कि अपीलकर्ताओं का उद्देष्य हत्या करना नहीं था। अपीलकर्ता कोई हथियार लेकर नहीं गये थे। एक आरोपी ने मृतक की शर्त से उसका गला घोंट दिया था। हाईकोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ता सिर्फ मारपीट व बलवे के दोषी है। उक्त धाराओं के तहत एक-एक साल की सजा से दंडित किया था। उक्त सजा सभी अपीलकर्ता पूरी कर चूके है। एकलपीठ ने सभी आधा दर्जन आरोपियों को हत्या के आरोप से दोषमुक्त करते हुए, उन्हें रिहा करने के आदेश जारी किये है।
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हत्या के आरोप में कटनी न्यायालय द्वारा जनवरी 2020 को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ साई लाल पटेल, अवधेश पटेल, राजेन्द्र, राकेश, ओमकार पटेल तथा भोला पटेल ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील की सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने पाया कि ग्राम कुम्हारवाड़ा निवासी मनरमण पटेल ने शिवकुमार पटेल को गाली-गलौज करते हुए डांटा था। जिसके बाद शिवकुमार पटेल, राम कुमार पटेल, साई लाल पटेल, अवधेश पटेल, राजेंद्र, राकेश, ओमकार पटेल तथा भोला पटेल उसके घर पहुंचे।
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आरोपी ने मनरमण को घर से निकाल उसके साथ मुक्कों से मारपीट की। इस दौरान शिव कुमार ने मन शरण की शर्ट से उसका गला दबा दिया। जिसके कारण उसकी मौत हो गयी। घटना के बाद पुलिस ने शिव कुमार पटेल तथा राम कुमार पटेल को गिरफ्तार किया था। कटनी न्यायालय ने अगस्त 2010 में दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया था। सजा के खिलाफ दोनों आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील खारिज होने के बाद राम कुमार ने सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली थी। शिव कुमार पटेल अपनी सजा काटकर 2023 में रिहा हो गया है।
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घटना के आरोपी अपीलकर्ता साल 2012 में गिरफ्तार हुए थे। कटनी जिला न्यायालय ने उन्हे हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत अगस्त 2020 में सजा से दंडित किया था। एकलपीठ ने पाया कि अपीलकर्ताओं का उद्देष्य हत्या करना नहीं था। अपीलकर्ता कोई हथियार लेकर नहीं गये थे। एक आरोपी ने मृतक की शर्त से उसका गला घोंट दिया था। हाईकोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ता सिर्फ मारपीट व बलवे के दोषी है। उक्त धाराओं के तहत एक-एक साल की सजा से दंडित किया था। उक्त सजा सभी अपीलकर्ता पूरी कर चूके है। एकलपीठ ने सभी आधा दर्जन आरोपियों को हत्या के आरोप से दोषमुक्त करते हुए, उन्हें रिहा करने के आदेश जारी किये है।
