फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Talented character was selected on unreserved post

Jabalpur: अनारक्षित पद पर प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन, कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए पारित किये आदेश

Thu, 21 Nov 2024 07:37 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Thu, 21 Nov 2024 07:37 PM IST
सार

MP: हाईकोर्ट में होने वाली भर्तियों में आरक्षण नियम लागू नहीं किये जाने के चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अनारक्षित पद पर प्रतिभावान छात्रों का चयन किया जाये।

विज्ञापन
Talented character was selected on unreserved post
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति तथा जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि सिविल जज भर्ती परीक्षा 2022 में एससी तथा एसटी के एक भी अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ है। परीक्षा के रिजल्ट में अनारक्षित वर्ग का कट ऑफ 113 अंक तथा ओबीसी के लिए 109 अंक थे। आरक्षित वर्ग के जिन मेरिटोरियस छात्रों ने 113 से 129 अंक प्राप्त उनका चयन अनारक्षित वर्ग में नही किया गया।
विज्ञापन


एससी-एसटी वर्ग के एक भी अभ्यर्थी का चयन नहीं होने के कारण हाईकोर्ट ने नॉट फॉर सूटेबल मानकर रिक्त पदों को सामान्य वर्ग से भरने की अनुमति प्राप्त करने प्रदेश शासन को पत्र लिखा है।
विज्ञापन

याचिका में कहा गया था कि पूर्व में दायर की गयी याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्वीकार किया था कि प्रारंभिक तथा परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के 50 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन नहीं किया जाता है। स्टेनो तथा सहायक ग्रेड 3 के पदों पर भर्ती के लिए अनारक्षित वर्ग का कट ऑफ 74 तथा आरक्षित वर्ग के लिए कट ऑफ 88 अंक था।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट में होने वाली भर्तियों में आरक्षण नियम तथा प्रदेश सरकार के गाइडलाइन का पालन नहीं किया जाता है। भर्ती के लिए साक्षात्कार में 50 में 20 अंक लाना अनिवार्य है। हाईकोर्ट संविधान के अनुच्छेद 234 का हवाला देकर इसे मनमाने रूप से लागू करती है। युगलपीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल,प्रमुख सचिव तथा विधि सचिव को नोटिस जारी करते हुए सिविल जज परीक्षा सहित अन्य भर्ती याचिका के निर्णयाधिन रहने के आदेश जारी किये थे।


बुधवार की शाम को हाईकोर्ट की फुल कोर्ट में याचिका पर गुरुवार को सुनवाई का निर्णय लिया गया था। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि अनारक्षित पद पर प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन किया जाये,चाहे वह किसी वर्ग का हो।याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर तथा विनायक शाह ने पैरवी की।   
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed