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MP News: संस्कृत बोर्ड स्कूलों के छात्रों को मिली हाईकोर्ट से राहत, परीक्षा में शामिल करने की मिली अनुमति

Wed, 08 Apr 2026 09:39 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Wed, 08 Apr 2026 09:39 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने संस्कृत बोर्ड के 9वीं-11वीं के हजारों छात्रों को राहत देते हुए 10वीं-12वीं के फॉर्म भरने की अनुमति दी। चार दिनों में दस्तावेज सत्यापन और शुल्क जमा करने के निर्देश दिए। विवादित नियम पर रोक लगाते हुए छात्र हित में परीक्षा में शामिल होने की मंजूरी दी गई। 

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Students of Sanskrit Board schools get relief from High Court
संस्कृत बोर्ड स्कूलों के छात्रों को मिली हाईकोर्ट से राहत

विस्तार

हाईकोर्ट जस्टिस एसएन भट्ट की एकलपीठ ने संस्कृत बोर्ड विद्यालयों में कक्षा 9वीं तथा 11वीं में पढ़ने वाले एक हजार से अधिक छात्रों को राहत प्रदान की है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि इन छात्रों को कक्षा 10वी व 12वीं में प्रवेश हेतु फॉर्म दाखिल करने की अनुमति प्रदान की है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि चार दिनों में दस्तावेजों के साथ फॉर्म भरने के प्रक्रिया पूरी की जाए।

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रायसेन स्थित मां जगदम्बा संस्कृत विद्यालय सहित प्रदेश के 11 संस्कृत विद्यालय की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल द्वारा जारी उक्त आदेश को चुनौती दी गई थी। इसमें एमपी बोर्ड या सीबीएसई से उत्तीर्ण छात्रों को ही 10वीं एवं 12वीं कक्षा के फॉर्म भरने की अनुमति दी गई है। याचिका में कहा गया था कि नए नियम के अनुसार हजारों की संख्या में छात्र प्रवेश लेने से वंचित हो जाएंगे।
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एकलपीठ ने उभय पक्ष का तर्क सुनने के बाद अपने आदेश में कहा है कि छात्र हित का ध्यान में रखते हुए विवादित आदेश को रोक लगाना आवश्यक है। दूसरे बोर्ड के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को चार दिनों के भीतर फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। आवश्यक सभी दस्तावेजों का सत्यापन प्रतिवादी संस्था द्वारा अगले चार दिनों में किया जाएगा। इसके बाद छात्र चार दिनों के भीतर परीक्षा शुल्क जमा करेंगे। सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात, प्रवेश पत्र जारी कर छात्रों को परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति दी जाए। याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता नरिंदर पाल सिंह रूपराह तथा अधिवक्ता मुस्कान आनंद ने पैरवी की।

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